क्विक-कॉमर्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Zepto ने अपने अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में खुलासा किया है कि कंपनी के संस्थापक आदित पलीचा और कैवल्य वोहरा को इस वर्ष अप्रैल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूछताछ के लिए तलब किया था। दौरान कंपनी अपने बहुप्रतीक्षित 8,010 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की तैयारी कर रही है।
फाइलिंग के अनुसार, ED ने 8 अप्रैल 2026 को समन जारी कर कंपनी और उसके संस्थापकों से विदेशी एवं ओवरसीज निवेश, वित्त वर्ष 2021 से अब तक के ऑडिटेड वित्तीय विवरण, शेयरहोल्डिंग पैटर्न, ऋण और गारंटी, आयकर रिटर्न, बैंक खातों का विवरण, अचल संपत्तियों तथा कंपनी के बिजनेस मॉडल से जुड़ी जानकारी मांगी थी।
दोनों संस्थापकों ने ED के सामने पेश होकर सौंपे दस्तावेज
DRHP में बताया गया है कि कैवल्य वोहरा 17 अप्रैल और 22 अप्रैल को ED अधिकारियों के समक्ष उपस्थित हुए, जबकि आदित पलीचा ने 20 अप्रैल और 15 मई को एजेंसी के सवालों के जवाब दिए। पूछताछ के दौरान दोनों संस्थापकों ने ED द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज और सूचनाएं उपलब्ध कराईं।
इसके अलावा कंपनी की होल्डिंग संरचना, स्कीम ऑफ अरेंजमेंट, विभिन्न व्यावसायिक समझौतों और चालानों (Invoices) से संबंधित अतिरिक्त जानकारियां भी एजेंसी को सौंपी गईं।
Zepto ने अपनी फाइलिंग में स्पष्ट किया है कि दस्तावेज जमा करने के बाद कंपनी या उसके संस्थापकों को ED की ओर से कोई नया नोटिस या संचार प्राप्त नहीं हुआ है। फाइलिंग में कहा गया, “कंपनी और उसके संस्थापकों को उपरोक्त समन के संबंध में कोई अतिरिक्त सूचना प्राप्त नहीं हुई है।”
हालांकि कंपनी ने संभावित निवेशकों को यह भी आगाह किया कि भविष्य में इस मामले से जुड़े किसी नए प्रश्न, जांच, कानूनी कार्रवाई या दंडात्मक प्रक्रिया की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।
IPO से पहले निवेशकों की नजर
Zepto भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के लिए 8,010 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। यह राशि नए शेयर जारी कर जुटाई जाएगी। कंपनी का IPO इस वर्ष भारत के सबसे चर्चित टेक्नोलॉजी IPO में से एक माना जा रहा है।
ED समन से जुड़ा यह खुलासा निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि किसी भी नियामकीय या जांच संबंधी घटनाक्रम का प्रभाव कंपनी के बाजार मूल्यांकन और निवेशकों की धारणा पर पड़ सकता है।
FY26 में दोगुने से अधिक हुई आय
अपडेटेड DRHP में कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन का भी उल्लेख किया गया है। Zepto ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में परिचालन से 24,164 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष FY25 के 11,109 करोड़ रुपये की तुलना में दोगुने से अधिक है।
कंपनी का शुद्ध घाटा भी उल्लेखनीय रूप से घटकर 1,248.6 करोड़ रुपये रह गया, जबकि FY25 में यह 1,953.7 करोड़ रुपये था।
मार्च 2026 में समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी का राजस्व सालाना आधार पर 75 प्रतिशत बढ़कर 7,498 करोड़ रुपये पहुंच गया। साथ ही एडजस्टेड EBITDA घाटे में भी कमी दर्ज की गई, जो कंपनी की लाभप्रदता में सुधार का संकेत है।
साल 2021 में आदित पलीचा और कैवल्य वोहरा द्वारा स्थापित Zepto ने बेहद कम समय में भारत के क्विक-कॉमर्स बाजार में प्रमुख स्थान हासिल किया है। कंपनी का मुकाबला Blinkit, Swiggy Instamart, Flipkart Minutes और Amazon Now जैसे बड़े खिलाड़ियों से है।
कंपनी का कहना है कि उसने जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग किया है और फिलहाल उसे ED की ओर से कोई अतिरिक्त नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। इसके बावजूद IPO से पहले यह खुलासा निवेशकों और बाजार विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
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