इस दौरान चक्रवृद्धि तिमाही वृद्धि दर (सीक्यूजीआर) में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। पिछली तिमाही में सालाना आधार पर एआई से आय करीब 2.5 अरब डॉलर थी।
टीसीएस की 31वीं सालाना आम बैठक में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगले तीन सालों में कंपनी में एआई एजेंट की संख्या कर्मचारियों के बराबर हो सकती है, जो टीसीएस में काम करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव होगा।
चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी अपने इतिहास का “सबसे अहम काम” कर रही है, क्योंकि एआई ग्लोबल टेक्नोलॉजी सर्विस इंडस्ट्री को बदल रहा है।
चंद्रशेखरन के मुताबिक, एआई को अपनाने के कारण तीन-चौथाई कंपनियों को लगता है कि अगले दो वर्षों में टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि निवेशकों की चिंताओं और हाल ही में पूरे आईटी सेक्टर पर बने दबाव के बावजूद, कंपनी के फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं; इसमें स्थिर मार्जिन, बढ़ती रेवेन्यू और मजबूत डील पाइपलाइन शामिल हैं।
उन्होंने समझाया, “आज एआई मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर और कंप्यूटर की दुनिया में मौजूद है, लेकिन जल्द ही यह असल दुनिया में भी अपनी जगह बना लेगा, जैसे स्टोर, फैक्ट्रियां, वेयरहाउस, एनर्जी नेटवर्क, गाड़ियां और सप्लाई चेन। इसके लिए ऐसे एक्सपर्ट्स की जरूरत होगी जो आईटी, एआई और फिजिकल इक्विपमेंट व इन्फ्रास्ट्रक्चर को आपस में जोड़ना जानते हों।”
आईटी सर्विस इंडस्ट्री में एआई के कारण नौकरियां जाने की चिंताओं पर बात करते हुए, उन्होंने माना कि एक अहम सवाल सामने आया है: अगर एआई ज्यादातर काम कर सकता है, तो उन सर्विस को देने के लिए बने सेक्टर का क्या होगा?
हालांकि, उन्होंने कहा कि यह डर इस गलतफहमी पर आधारित है कि एआई एंटरप्राइज सिस्टम के साथ कैसे काम करेगा।
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