अतिक्रमण हटाने के अभियान में हिंसा पर अब तक 19 गिरफ्तार, चौथे दिन 90% कार्रवाई पूरी

गरीब नगर में पत्थरबाजी के बाद पुलिस सख्त, भारी सुरक्षा के बीच जारी रहा रेलवे का सबसे बड़ा डिमोलिशन ड्राइव

अतिक्रमण हटाने के अभियान में हिंसा पर अब तक 19 गिरफ्तार, चौथे दिन 90% कार्रवाई पूरी

19 arrested so far for violence during encroachment removal drive, 90% action completed on fourth day

मुंबई के बांद्रा पूर्व स्थित गरीब नगर इलाके में चल रहे बड़े अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हुई हिंसा और पत्थरबाजी मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं पश्चिम रेलवे ने दावा किया है कि डिमोलिशन ड्राइव का लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए 15 आरोपियों को गुरुवार को बांद्रा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 26 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। तीन अन्य आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाना है। वहीं मामले में पकड़े गए एक नाबालिग को चिल्ड्रेन रिमांड होम भेज दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। हिंसा और सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने के आरोप में 100 से अधिक लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।

दरअसल, इस सप्ताह की शुरुआत में बांद्रा टर्मिनस के पास कथित अवैध ढांचों को हटाने की कार्रवाई के दौरान इलाके में तनाव फैल गया था। अतिक्रमण हटाने पहुंची टीमों पर पत्थरबाजी की गई और पुलिस के साथ झड़पें हुईं। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे।

इसके बावजूद पश्चिम रेलवे ने शुक्रवार (22 मई)को लगातार चौथे दिन भी अपना एंटी-एनक्रोचमेंट अभियान भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी रखा। इस अभियान में पश्चिम रेलवे, मुंबई पुलिस, रेलवे सुरक्षा एजेंसियां और नगर निगम अधिकारी संयुक्त रूप से शामिल हैं।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने मीडिया को बताया कि कार्रवाई को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए पहले से व्यापक इंतजाम किए गए थे। उन्होंने कहा कि तीसरे दिन के अंत तक लगभग 90 प्रतिशत डिमोलिशन कार्य पूरा कर लिया गया था।

अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को हुई हिंसक स्थिति के विपरीत गुरुवार का अभियान शांतिपूर्ण रहा। गुरुवार को इस कार्रवाई में लगभग 1,100 सुरक्षाकर्मी और 13 मशीनें तैनात की गई थीं। इसे पश्चिम रेलवे के हाल के वर्षों के सबसे बड़े अतिक्रमण विरोधी अभियानों में से एक बताया जा रहा है।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि अब कार्रवाई मुख्य रूप से उन ऊपरी हिस्सों और अस्थायी संरचनाओं को हटाने पर केंद्रित है, जो पुनर्वास योग्य झुग्गियों के ऊपर बनाए गए थे। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पुनर्वास के पात्र ग्राउंड फ्लोर ढांचों को नुकसान न पहुंचे।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि मलबा हटाने का काम चौबीसों घंटे जारी है। रेलवे प्रवक्ता ने कहा, “रात में भी काम बंद नहीं होता और लगातार मलबा साफ किया जा रहा है।” जानकारी के मुताबिक यह डिमोलिशन अभियान 23 मई तक जारी रह सकता है। इसके बाद रेलवे जमीन पर दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए फेंसिंग और पोस्ट-डिमोलिशन क्लियरेंस का काम किया जाएगा।

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