ईरान संघर्ष में अमेरिका के 42 लड़ाकू विमानों को नुकसान

अमेरिकी संसद की कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) की रिपोर्ट में दावा

ईरान संघर्ष में अमेरिका के 42 लड़ाकू विमानों को नुकसान

42 US fighter jets lost in Iran conflict

अमेरिकी संसद की कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) द्वारा हाल ही में तैयार की गई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान संघर्ष के दौरान अमेरिका के लगभग 42 विमान नष्ट हुए या क्षतिग्रस्त हुए हैं। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस रिपोर्ट को तेहरान द्वारा लगातार किए जा रहे दावों की पुष्टि बताया है।

13 मई को जारी CRS रिपोर्ट का हवाला देते हुए अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “ईरान संघर्ष शुरू होने के कई महीनों बाद अमेरिकी कांग्रेस ने अरबों डॉलर मूल्य के विमानों के नुकसान को स्वीकार किया है।” उनके अनुसार, इससे यह साबित होता है कि ईरान की सशस्त्र सेनाओं के पास F-35 जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों को भी मार गिराने की क्षमता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस संघर्ष से मिला सबक यह है कि भविष्य के युद्धों में और भी चौंकाने वाली घटनाएं सामने आ सकती हैं।

CRS की रिपोर्ट के अनुसार, 42 विमानों के नुकसान का आंकड़ा आगे बढ़ सकता है, क्योंकि कई मामलों की जानकारी अभी गोपनीय है और विभिन्न स्रोतों से नुकसान की पुष्टि की प्रक्रिया जारी है।

रिपोर्ट के मुताबिक क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए विमानों में शामिल हैं:

  • 4 F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान
  • 1 F-35A लाइटनिंग II लड़ाकू विमान
  • 1 A-10 थंडरबोल्ट II ग्राउंड अटैक विमान
  • 7 KC-135 स्ट्रैटोटैंकर हवाई ईंधन भरने वाले विमान
  • 1 E-3 सेंट्री AWACS निगरानी विमान
  • 2 MC-130J कमांडो II विशेष अभियान विमान
  • 1 HH-60W जॉली ग्रीन II हेलीकॉप्टर
  • 24 MQ-9 रीपर ड्रोन
  • 1 MQ-4C ट्राइटन ड्रोन

कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) अमेरिकी संसद और उसकी समितियों को कानूनी तथा नीतिगत विश्लेषण प्रदान करने वाली संस्था है। यह रिपोर्ट अमेरिकी रक्षा विभाग, अमेरिकी सेंट्रल कमांड और विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सेना को यह नुकसान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान उठाना पड़ा। यह 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ 40 दिनों का अमेरिका-इजरायल संयुक्त हवाई अभियान था।

रिपोर्ट के अनुसार, 12 मई 2026 को हुई सुनवाई में पेंटागन नियंत्रक जूल्स डब्ल्यू. हर्स्ट III ने गवाही देते हुए बताया कि ईरान में सैन्य अभियानों पर खर्च बढ़कर 29 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। हालांकि, पेंटागन ने अब तक कुल नुकसान के आधिकारिक आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं।

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