27 C
Mumbai
Thursday, July 25, 2024
होमन्यूज़ अपडेटपवार का पवार प्रेम, कहा मैंने अब तक बेटी और भतीजे में...

पवार का पवार प्रेम, कहा मैंने अब तक बेटी और भतीजे में कभी फर्क नहीं किया!

Google News Follow

Related

जुलाई 2023 में शरद पवार को राजनीति में बड़ा झटका लगा| झटका यह था कि अजित पवार ने पार्टी के 42 विधायकों को साथ लेकर सत्ता में सीधे भागीदारी का फैसला किया। 2 जुलाई 2023 को अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। साथ ही, एनसीपी के 42 विधायकों का एक समूह सत्ता में आया| शरद पवार ने इस पद का विरोध किया|इससे एनसीपी में वर्टिकल विभाजन हो गया| इसके बाद पार्टी का सिंबल और नाम अजित पवार के ग्रुप को दे दिया गया| लोकसभा चुनाव में बारामती की लड़ाई खत्म हो गई है|अजित पवार बार-बार कह रहे हैं कि यह हमारी गलती है कि हम आपके (शरद पवार) से पैदा नहीं हुए? अब शरद पवार ने इसका जवाब दिया है|

अजित पवार ने बार-बार क्या कहा है?: “अगर हम वरिष्ठों (शरद पवार) के घर पैदा हुए होते, तो हमें राष्ट्रपति पद मिल गया होता। कुछ नहीं होता, पार्टी मेरे नियंत्रण में आ जाती| दरअसल, मैं साहब के भाई का बेटा हूं| यह हमारा दुर्भाग्य है कि हम उनसे पैदा नहीं हुए।’ हमें बताया गया कि लड़की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना चाहती है| हमने उसे भी स्वीकार कर लिया। ये बात अजित पवार ने कही| अजित पवार ने यह भी सलाह दी कि शरद पवार को अब राजनीति में नहीं आना चाहिए क्योंकि उनकी उम्र हो गई है| लोकसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में भी यह मुद्दा उठा था|इन सबका जवाब शरद पवार ने लोकसत्ता लोकसंवाद कार्यक्रम में दिया है|

अजित पवार को शरद पवार का जवाब: ”यह कहना सही नहीं है कि प्रफुल्ल पटेल ने सुप्रिया सुले को राष्ट्रीय राजनीति और अजित पवार को राज्य की राजनीति में जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन मैंने इसे स्वीकार नहीं किया| सुप्रिया को केवल सांसद बनाया गया है और वह लोकसभा में पार्टी की नेता हैं और अब तक दिल्ली की राजनीति में हैं। उन्हें कभी भी सत्ता नहीं दी गई, लेकिन अजित पवार को हमेशा के लिए सत्ता का पद दे दिया गया|

राज्य मंत्री के पद से लेकर कई कैबिनेट मंत्री, महत्वपूर्ण खाते, तीन बार उप मुख्यमंत्री, विधानमंडल में समूह नेता, विधानसभा में विपक्ष के नेता, सब कुछ दिया गया। मैंने कभी बेटी और भतीजे में फर्क नहीं किया|’ अजित पवार के इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है कि सत्ता में रहे बिना जनता के काम नहीं हो सकते|

अजित पवार के शरद पवार के खिलाफ खड़े होने से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर चाचा-भतीजे की प्रतिद्वंद्विता देखने को मिल रही है। इस बीच, शरद पवार ने उस दावे का खंडन किया जो अजित पवार बार-बार अपने भाषणों में करते रहे हैं और कहा कि उन्होंने कभी भी भतीजे और बेटी में अंतर नहीं किया है| क्या अजित पवार अब इस बारे में कुछ कहेंगे? यह देखना महत्वपूर्ण होगा|

यह भी पढ़ें-

महाराष्ट्र के धुले में सीएम आदित्यनाथ की दहाड़, बोले- राम भक्त ही दिल्ली पर होगा!

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

हमें फॉलो करें

98,488फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
167,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें