महाराष्ट्र विधानसभा की 288 सीटों पर एक ही चरण में 20 नवंबर को चुनाव होने वाले हैं|विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी। इस बीच शिवसेना में विभाजन के बाद वनगा ने एकनाथ शिंदे का समर्थन किया था। उन्हें पार्टी द्वारा फिर से नामांकित किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन शिवसेना ने पूर्व सांसद राजेंद्र गावित को इस सीट से टिकट दिया है। राजेंद्र गावित ने भी शिवसेना में विभाजन के दौरान शिंदे गुट का समर्थन किया था।
महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में पालघर सीट से शिवसेना के मौजूदा विधायक श्रीनिवास वनगा को टिकट नहीं दिया गया। पार्टी से उम्मीदवारी नहीं मिलने वे काफी क्षुब्ध व व्यथित हैं| इसको लेकर उन्होंने पार्टी से अपनी नाराजगी भी जताई थी। इसी बीच खबर यह आयी कि श्रीनिवास वनगा पार्टी के इस व्यवहार से पूरी तरह से डिस्टर्ब होकर परिवार से दूर रह रहे हैं| इसकी जानकारी उनके परिवार को भी नहीं है|वनगा का परिवार काफी चिंतित दिखाई दे रहा है|
बता दें शिवसेना के मौजूदा विधायक श्रीनिवास वनगा लगभग दो दिनों से अपने परिवार के संपर्क में नहीं हैं, लेकिन अब जानकारी मिली कि वे अपने परिवार से मिले|और उनसे बात भी किया साथ ही उन्होंने कहा कि मैं काफी डिस्टर्ब चल रहा हूँ, अपने दोस्त के साथ में हूं, परेशान होने की कोई आवश्यकता नहीं है|
गौरतलब है की शिवसेना में विभाजन के बाद वनगा ने एकनाथ शिंदे का समर्थन किया था। उन्हें पार्टी द्वारा फिर से नामांकित किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन शिवसेना ने पूर्व सांसद राजेंद्र गावित को इस सीट से टिकट दिया गया है। वनगा के लापता होने से पहले उनके परिजनों ने बताया था कि उन्होंने बातचीत करना और खाना भी बंद कर दिया। वह रो भी रहे थे। बताया जा रहा है कि श्रीनिवास वनगा की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उनकी पत्नी से संपर्क किया था।
सीएम शिंदे ने आश्वासन दिया था कि उनकी जानकारी पर उन्हें महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य के रूप में भूमिका देने पर विचार किया जाएगा। शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, भाजपा और अजीत पवार की एनसीपी से मिलकर बनी महायुति सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में लगी हुई है|
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