प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए विदेशी हुकूमत के विरुद्ध अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया। उनका पूरा जीवन जनजातीय समाज के स्वाभिमान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा को समर्पित रहा। मातृभूमि के लिए सर्वस्व त्याग करने की उनकी गाथा देश की हर पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति का संचार करती रहेगी।”
इससे पहले, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन किया। उपराष्ट्रपति ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान दिवस पर, मैं ‘धरती आबा’ को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिनका जीवन साहस, आत्म-सम्मान और न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक था।”
उपराष्ट्रपति ने बिरसा मुंडा के ‘उलगुलान’ को भी याद किया। उन्होंने लिखा, “ऐतिहासिक ‘उलगुलान’ के माध्यम से, उन्होंने दमन के विरुद्ध प्रतिरोध की भावना जगाई और आदिवासी समुदायों को अपने अधिकारों, पहचान और सम्मान की रक्षा के लिए प्रेरित किया।”
उन्होंने आगे लिखा, “यह मेरे लिए गहरे व्यक्तिगत सम्मान की बात है कि मुझे झारखंड के राज्यपाल के रूप में पदभार संभालने के पहले ही दिन और हाल ही में भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में उनके पवित्र जन्मस्थान ‘उलिहातू’ पर श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर मिला।
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने लिखा, “जनजातीय अस्मिता, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के अमर प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
नितिन नवीन ने आगे लिखा, “उनका जीवन हमें अपनी जड़ों, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संदेश देता है।”
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