लखनऊ स्थित बसपा उत्तर प्रदेश स्टेट यूनिट कार्यालय में आयोजित पार्टी की बड़ी बैठक में मायावती ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों, बूथ स्तर तक संगठन की मजबूती और सर्वसमाज में जनाधार बढ़ाने की रणनीति की समीक्षा की।
बसपा प्रमुख ने कहा कि देश में जिस तरह के राजनीतिक और आर्थिक हालात बने हैं, उससे आम लोगों में असुरक्षा और असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि बड़े पूंजीपतियों और धनबल आधारित राजनीति के चलते समाज के हर वर्ग का नुकसान हो रहा है। सरकारों को अपने संवैधानिक दायित्व निभाते हुए जनकल्याण, रोजगार, शांति-सौहार्द और कानून-व्यवस्था जैसे मूल मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब “आजमाई हुई” बसपा सरकार और उसके नेतृत्व की ओर उम्मीद से देख रही है। मायावती ने कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत देते हुए कहा कि विरोधियों की हर राजनीतिक चाल और षड्यंत्र का मजबूती से मुकाबला करना होगा।
मायावती ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चयन में विशेष सावधानी बरती जा रही है और जनहित में मजबूत तथा जनस्वीकार्य उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि “सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय” की नीति को फिर से स्थापित करना है।
बसपा सुप्रीमो ने पांच राज्यों के हालिया विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनावी घटनाक्रम और परिस्थितियों का गंभीरता से संज्ञान लेने की जरूरत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से “हाथी पर बटन दबाना है, सत्ता में वापस आना है” के मिशन के साथ जनता के बीच जाने और वोट की सुरक्षा को सम्मान, जान-माल और अधिकारों की सुरक्षा की तरह महत्वपूर्ण मानने का आह्वान किया।
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