टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जोरदार हमला बोलते हुए जेफ्री एप्सटीन केस को लेकर उनकी भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि वे एप्सटीन फाइल्स जारी करने का अपना वादा निभाने में असफल रहे हैं।
जब ट्रंप ने इस मामले को “एप्सटीन होक्स” कहकर खारिज किया, तो मस्क ने तीखे व्यंग्य में लिखा, “विश्वास नहीं होता कि एप्सटीन ने मरने से पहले ही समझ लिया कि ये सब एक होक्स था।”
मस्क ने इस टिप्पणी के बाद कई और पोस्ट करके ट्रंप को घेरा। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, “ये तो साफ-साफ कवर-अप है।” उन्होंने यह भी जोड़ा, “अब तक एक भी एप्सटीन क्लाइंट पर मुकदमा नहीं चला है। एक भी नहीं।”
मस्क ने ट्रंप की विश्वसनीयता पर भी सीधा सवाल उठाया, “लोग ट्रंप पर कैसे भरोसा करें अगर वो एप्सटीन फाइल्स को सार्वजनिक करने से बचते हैं?” उन्होंने आगे कहा, “वो ‘एप्सटीन’ शब्द आधा दर्जन बार बोलते हैं और फिर सबको कहते हैं कि इस पर बात मत करो। बस फाइल्स रिलीज़ करो, जैसा वादा किया था।”
एलन मस्क की तीखी आलोचना और जनता के बढ़ते दबाव के बीच व्हाइट हाउस को सफाई देनी पड़ी। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने गुरुवार को प्रेस को संबोधित करते हुए कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप एप्सटीन केस की आगे की जांच के लिए कोई स्पेशल प्रॉसिक्यूटर नियुक्त नहीं करेंगे। यह उनका स्पष्ट मत है।”
उन्होंने बताया कि ट्रंप ने यूएस अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी से कहा है कि यदि एप्सटीन मामले से जुड़ा कोई और सबूत मौजूद है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। लेविट ने कहा,“अगर अटॉर्नी जनरल या एफबीआई के पास कोई और ठोस साक्ष्य है, तो उसे सामने लाया जाए। राष्ट्रपति की यही मांग है।” हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि ट्रंप डेमोक्रेट्स की इस मुद्दे पर ज़ोर देने को एक राजनीतिक चाल मानते हैं। “राष्ट्रपति डेमोक्रेट्स के रवैये को ‘एप्सटीन होक्स’ करार दे चुके हैं,” लेविट ने कहा।
ट्रंप ने आलोचनाओं का जवाब Truth Social पर देते हुए कहा, “मैं अब उनका समर्थन नहीं चाहता!” यह बयान उन्होंने अपने ही MAGA समर्थक गुटों की आलोचना के जवाब में दिया, जिन्हें उन्होंने “कमज़ोर” बताया और आरोप लगाया कि वे डेमोक्रेट्स की भाषा बोल रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप की टीम ने पर्दे के पीछे MAGA मूवमेंट के कुछ प्रमुख प्रभावशाली चेहरों से संपर्क किया है और उनसे अनुरोध किया है कि वे एप्सटीन मुद्दे पर अपने रुख को नरम करें और फोकस को ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडा पर केंद्रित करें।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ट्रंप पहले से ही कई कानूनी और राजनीतिक संकटों से घिरे हुए हैं और एप्सटीन केस को लेकर पारदर्शिता की मांग तेज होती जा रही है। एलन मस्क जैसे हाई-प्रोफाइल उद्यमी की सार्वजनिक आलोचना ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है।
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