प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (19 जुलाई) को छत्तीसगढ़ भाजपा के 22 वरिष्ठ नेताओं के साथ एक अहम बैठक करने जा रहे हैं। यह बैठक राज्य में पार्टी के सांगठनिक ढांचे को और अधिक मजबूत करने और नेतृत्व समन्वय को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इस संवाद का उद्देश्य न केवल राज्य में पार्टी की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना है, बल्कि आने वाले महीनों में संभावित राजनीतिक चुनौतियों और अवसरों पर भी फोकस करना है।
बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मौजूद रहेंगे, जो पूर्व में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी बैठक का हिस्सा होंगे, जिनकी पहचान पार्टी के रणनीतिकार के रूप में है। अन्य प्रमुख नेताओं में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ विधायक धरमलाल कौशिक, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री राजेश मूणत और अमर अग्रवाल भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे।
इसके अलावा, पूर्व सांसद अशोक शर्मा, चंद्रशेखर साहू, वरिष्ठ भाजपा नेता सच्चिदानंद उपासने और पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल भी इस संवाद का हिस्सा होंगे। जानकारी के अनुसार, बैठक में हालिया चुनावी प्रदर्शन, जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और राज्य की राजनीतिक स्थिति पर विस्तृत चर्चा होगी। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी इन नेताओं से फीडबैक लेंगे और आगे की रणनीतियों के लिए मार्गदर्शन देंगे।
बैठक का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य राज्य के क्षेत्रीय नेतृत्व को अधिक सक्रिय करना और जनता के साथ सीधे संवाद को बढ़ावा देना है। सुशासन, पारदर्शिता और केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी तरीके से लागू करने को लेकर भी चर्चा की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक आगामी चुनावी परिदृश्य और राज्य में भाजपा की रणनीतिक स्थिति को नई दिशा देने का काम कर सकती है। पीएम मोदी का यह सीधा संवाद नेतृत्व को न केवल प्रेरणा देगा बल्कि सांगठनिक मजबूती के लिए स्पष्ट दिशा भी तय करेगा।
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