अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया प्लेन हादसे में पायलट की गलती की खबरों को सिविल एविएशन मिनिस्टर राममोहन नायडू ने गलत बताया है। नायडू ने विदेशी मीडिया से भी संयम बरतने की अपील की है। साथ ही जल्दबाजी में किसी नतीजे पर न पहुंचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा- AAIB की जांच जारी है। फाइनल जांच रिपोर्ट जारी होने तक कोई कमेंट न करें। अहमदाबाद प्लेन हादसे में 260 लोगों की जान चली गई थी।
नायडू की यह टिप्पणी विदेशी मीडिया की उन खबरों के बीच आई, जिनमें कहा गया कि हादसे की वजह पायलट की एक गलती थी। बोइंग ड्रीमलाइनर 787-8 को कैप्टन सुमीत सभरवाल और को-पायलट क्लाइव कुंदर उड़ा रहे थे। लंदन के गैटविक जा रहा एयर इंडिया का प्लेन 12 जून को मात्र 36 सेकंड के लिए हवा में था, उसके बाद हादसे का शिकार हो गया था।
दरअसल, अमेरिकी मीडिया हाउस वॉल स्ट्रीट जनरल ने 17 जुलाई को पब्लिश एक रिपोर्ट में आशंका जताई कि विमान के पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल ने दोनों इंजनों में फ्यूल की सप्लाई रोकी थी। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने भारत में ही प्लेन के ब्लैक बॉक्स को डिकोड कर लिया है। ऐसा पहली बार हुआ है।
नायडू बोले- “मुझे AAIB और उसके काम पर भरोसा है। पूरे ब्लैक बॉक्स को डिकोड करने और भारत में ही डेटा रिकवर करना एक बड़ी सफलता थी क्योंकि पिछली घटनाओं में, जब भी ब्लैक बॉक्स मिलता था, तो डेटा रिकवर करने के लिए हमेशा विदेश भेजा जाता था।”
प्लेन के पिछले हिस्से में इलेक्ट्रिक सप्लाई की खराबी की खबरों के बारे में पूछे जाने पर नायडू ने धीरज रखने कहा।
नायडू बोले- “जो कहा जा रहा है, हम उसके आधार पर आगे नहीं बढ़ सकते। हमें रिपोर्ट पर अड़े रहना होगा। रिपोर्ट जो भी कहेगी, वही फाइनल होगा। इसलिए, हमें AAIB को वह दायरा, समय और विश्वास देना होगा। इसकी बहुत जरूरत है।”
एयर इंडिया क्रैश जांच में आरएस संधू शामिल अहमदाबाद विमान हादसे की जांच में एएआईबी ने एयर इंडिया के पूर्व ऑपरेशनल डॉयरेक्टर और अनुभवी पायलट आरएस संधू को एक्सपर्ट नियुक्त किया है। संधू ने बोइंग 787-8 विमान को 2013 में अमेरिका से लाया था। जांच टीम में पायलट, इंजीनियर और अन्य एक्सपर्ट भी शामिल हैं। न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।
जांच से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि विमान के एम्पेनेज या टेल असेंबली के मलबे से महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। हादसे के दौरान प्लेन का पिछला हिस्सा अलग हो गया और भीषण आग से बच गया, लेकिन शुरुआती जांच में बिजली की आग के संकेत मिले, जो कुछ खास पिछले हिस्सों तक ही सीमित थी।
मीडिया रिपोर्ट्स में इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर के हवाले से कहा गया है कि टेल वाले हिस्से की जांच से इस बात का जवाब मिल सकता है कि क्या उड़ान के दौरान किसी इलेक्ट्रिकल इश्यू था, जिसके कारण दुर्घटना हुई।
टेल की ऑक्सिलरी पावर यूनिट (एपीयू), स्टेबलाइजर ट्रांसड्यूसर और रडर मैकेनिज्म जांच के दायरे में हैं। इन हिस्सों को फोरेंसिक जांच के लिए अहमदाबाद के एक सुविधा केंद्र में सुरक्षित रखा गया है।
हादसे पर AAIB ने प्राइमरी रिपोर्ट तैयार की है। इसके जरिए हमने हादसे की टाइमलाइन को समझा। इससे पता चला कि विमान के टेक ऑफ के बाद 9 सेकेंड तक सब ठीक था। विमान के इंजन अधिकतम 180 नोटिस तक स्पीड ले चुके थे। इसके बाद दिक्कत शुरू हुई।



