महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मालेगांव ब्लास्ट केस में विशेष एनआईए अदालत द्वारा कई आरोपियों को बरी किए जाने के एक दिन बाद कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। नागपुर में मीडिया से बात करते हुए फडणवीस ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ‘भगवा आतंकवाद’ की थ्योरी गढ़ी थी ताकि राजनीतिक लाभ उठाया जा सके और हिंदू संगठनों, विशेष रूप से आरएसएस, को बदनाम किया जा सके।
फडणवीस ने कहा, “कांग्रेस ने सुनियोजित तरीके से ‘हिंदू आतंकवाद’ का सिद्धांत तैयार किया। यह उनके वोटबैंक की राजनीति का हिस्सा था।” उन्होंने आरोप लगाया कि जब दुनिया भर में इस्लामी आतंकी संगठनों से जुड़ी घटनाएं सामने आ रही थीं, उस वक्त कांग्रेस ने जानबूझकर ‘भगवा आतंकवाद’ की धारणा खड़ी की ताकि एक समानांतर नैरेटिव तैयार किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा, “उस दौर में दुनियाभर में आतंक की घटनाएं इस्लामी संगठनों से जुड़ी थीं। कांग्रेस ने इस नैरेटिव को संतुलित करने के नाम पर ‘हिंदू आतंक’ का शब्द गढ़ा, जो एक समुदाय को बदनाम करने की साजिश थी। ये सब केवल राजनीतिक फायदे के लिए किया गया।”
गौरतलब है कि 2008 में मालेगांव के साम्प्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाके में हुए बम धमाकों में 6 लोगों की मौत हुई थी और 100 से ज्यादा घायल हुए थे। प्रारंभिक जांच में मुस्लिम आतंकी संगठनों का नाम सामने आया था, लेकिन बाद में यूपीए सरकार के दौरान जांच की दिशा बदल दी गई और इसमें आरएसएस से जुड़े हिंदू कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाया गया। हालांकि वर्षों चली कानूनी प्रक्रिया के बाद कई आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।
फडणवीस ने कहा, “आरएसएस के पदाधिकारियों को बिना ठोस सबूतों के फंसाया गया। लेकिन सच अब सामने आ रहा है। कांग्रेस की कोशिशें नाकाम रहीं।” उन्होंने यह भी कहा, “कांग्रेस ने पूरे हिंदू समुदाय को आतंकवादी साबित करने की कोशिश की। लेकिन अब जनता जागरूक है और वे उन लोगों से सवाल पूछेगी जिन्होंने ये खतरनाक नैरेटिव फैलाया।”
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