इजरायल में खसरे का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीते दिनों 93 नए मामलों की पुष्टि हुई है, जिससे अप्रैल से अब तक कुल संक्रमितों की संख्या 410 हो गई है। मंत्रालय के आकलन के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती होने की उच्च दर और सामुदायिक रिपोर्ट्स को देखते हुए वास्तविक संक्रमितों की संख्या 950 से 1,700 के बीच हो सकती है।
आंकड़ों के अनुसार, सक्रिय रोगियों की संख्या 120 से बढ़कर 162 हो गई है। इनमें से 22 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि गंभीर स्थिति में एक और ढाई साल के दो छोटे बच्चे इंटेंसिव केयर यूनिट में ईसीएमओ सपोर्ट पर हैं।
प्रकोप की शुरुआत के एक महीने बाद, स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर में वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया था, जिसके तहत अब तक 1,05,000 से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं। खसरा एक अत्यंत संक्रामक वायरल संक्रमण है, जिसके लक्षणों में तेज बुखार, थकान, नाक बहना, खांसी और पूरे शरीर पर चकत्ते शामिल होते हैं। कई मामलों में यह गंभीर या जानलेवा भी साबित हो सकता है।
मंत्रालय ने दक्षिणी शहर बीर शेवा में वेस्ट नाइल बुखार का एक नया मामला भी दर्ज किया है। यह इस साल का दूसरा मामला है; पहला मामला जून में मध्य इजरायल में सामने आया था।
विशेषज्ञों के अनुसार, खसरा श्वसन तंत्र को संक्रमित करके पूरे शरीर में फैलता है। वैक्सीनेशन इस बीमारी की रोकथाम और प्रसार को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी तरीका है। यह टीका सुरक्षित है और वायरस से लड़ने में मदद करता है।
सन 1963 में खसरे के टीके की शुरुआत से पहले, हर 2–3 साल में बड़े पैमाने पर महामारी फैलती थी, जिससे हर साल करीब 26 लाख मौतें होती थीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में भी सुरक्षित और किफायती वैक्सीन उपलब्ध होने के बावजूद, खसरे से 1,07,500 लोगों की जान गई, जिनमें ज्यादातर पांच साल से कम उम्र के बच्चे थे।
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