30.4 C
Mumbai
Friday, October 23, 2026
होमदेश दुनिया"नाटो और क्रीमिया को भूल जाओ": ज़ेलेंस्की को अमेरिका देगा झटका?

“नाटो और क्रीमिया को भूल जाओ”: ज़ेलेंस्की को अमेरिका देगा झटका?

क्रेमलिन लंबे समय से NATO के विस्तार का विरोध करता आया है और खासकर यूक्रेन की संभावित सदस्यता को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है।

Google News Follow

यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताज़ा बयान ने नया भूचाल ला दिया है। सोमवार(18 अगस्त) को व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं से मुलाकात से पहले ट्रंप ने साफ कहा कि कीव को न तो क्रीमिया वापस मिलेगा और न ही उसे NATO में शामिल होना चाहिए। ट्रंप का यह रुख चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ ने हाल ही में दावा किया था कि मास्को ने अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों को यूक्रेन के लिए NATO जैसी सुरक्षा गारंटी देने पर सहमति जताई है। साथ ही विटकॉफ़ ने इसे गेम-चेंजर तक करार दिया है।

हालांकि, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सार्वजनिक रूप से ऐसी किसी सहमति की पुष्टि नहीं की है। क्रेमलिन लंबे समय से NATO के विस्तार का विरोध करता आया है और खासकर यूक्रेन की संभावित सदस्यता को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है।

इस बीच, विटकॉफ़ ने सीएनएन से कहा था, “हम रूस से यह रियायत हासिल करने में सफल रहे कि अमेरिका या यूरोप, NATO के आर्टिकल 5 जैसी सुरक्षा गारंटी यूक्रेन को दे सकते हैं।” आर्टिकल 5 NATO की सामूहिक रक्षा की नींव है, जिसके तहत किसी एक सदस्य देश पर हमला सभी पर हमला माना जाता है। लेकिन ट्रंप ने इस दावे को ध्वस्त करते NATO जैसी सुरक्षा गारंटी से इनकार किया, बल्कि ज़ेलेंस्की को यह तक कह दिया कि, “वह चाहें तो तुरंत युद्ध समाप्त कर सकते हैं, या फिर लड़ाई जारी रख सकते हैं।”

 ट्रंप ने एक बार फिर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को निशाने पर लिया और 2014 में रूस द्वारा क्रीमिया के विलय पर कहा कि ओबामा ने “बिना एक गोली चले क्रीमिया रूस को दे दिया।” अपने सोशल मीडिया मंच Truth Social पर ट्रंप ने लिखा, “यूक्रेन NATO में नहीं जाएगा। कुछ चीजें कभी नहीं बदलतीं।” ट्रंप की यह टिप्पणी यूक्रेन के लिए डबल झटका मानी जा रही है। पहले तो विटकॉफ़ के जरिए आई संभावित सुरक्षा गारंटी की उम्मीद टूटी और अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्रीमिया व NATO पर कोई लचीलापन न दिखाने का संकेत दिया।

छह महीने पहले सत्ता में आने पर ट्रंप ने दावा किया था कि वह “24 घंटे में यूक्रेन युद्ध खत्म कर देंगे।” अब जब यह लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा, तो उनका धैर्य टूटता नजर आ रहा है। ट्रंप के प्रवक्ता ने यह तक कहा है कि राष्ट्रपति ने अब तक अपने कार्यकाल में औसतन एक अंतरराष्ट्रीय विवाद खत्म किया है, जिसमें भारत-पाकिस्तान जैसा मसाला भी शामिल हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या ज़बरदस्ती थोपे गए शांति समझौते से वास्तव में यूक्रेन-रूस युद्ध थमेगा या हालात और बिगड़ेंगे? इसका जवाब आने वाले समय में ही मिलेगा।

National Stock Exchange

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited
[td_block_social_counter open_in_new_window="y" style="style6 td-social-boxed" block_template_id="td_block_template_9" border_color="#fbd54a" f_header_font_size="26" f_header_font_weight="700" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXRvcCI6IjAiLCJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJwYWRkaW5nLXRvcCI6IjAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn19" custom_title="हमें फॉलो करें" facebook="NewsDankaHindi" twitter="NewsDanka" youtube="channel/UCqtL0xCsgAmB3XXrh9nln2Q" manual_count_twitter="526" f_header_font_family="668"]

अन्य लेटेस्ट खबरें