30 C
Mumbai
Thursday, March 19, 2026
होमन्यूज़ अपडेटभारतीय नौसेना को मिली नई ताकत: ‘एंड्रोथ’ एंटी-सबमरीन युद्धपोत क्यों है खास!

भारतीय नौसेना को मिली नई ताकत: ‘एंड्रोथ’ एंटी-सबमरीन युद्धपोत क्यों है खास!

Google News Follow

Related

भारतीय नौसेना को शनिवार (13 सितंबर)को स्वदेशी तकनीक से तैयार किया गया एक और एंटी-सबमरीन युद्धपोत ‘एंड्रोथ’ मिल गया है। इसे कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने तैयार किया है। यह ऐसे समय में हुआ है जब भारत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है और हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे का मुकाबला कर रहा है।

क्या है ‘एंड्रोथ’:

‘एंड्रोथ’ एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) है। इसका नाम लक्षद्वीप के सबसे बड़े द्वीप अंद्रोथ से लिया गया है। यह GRSE द्वारा बनाए जा रहे आठ ऐसे युद्धपोतों में दूसरा है। इसे 21 मार्च 2023 को हुगली नदी में जलावतरण किया गया था।

यह जहाज 77.6 मीटर लंबा, 900 टन वज़न का है और 25 नॉट की अधिकतम रफ्तार पकड़ सकता है। इसमें GRSE द्वारा ही निर्मित 30 मिमी नौसैनिक सतह तोप लगाई गई है। साथ ही इसमें अत्याधुनिक हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी एंटी-सबमरीन रॉकेट और शैलो वाटर सोनार लगे हैं।

‘एंड्रोथ’ की सबसे बड़ी ताकत इसका बेहद कम ड्राफ्ट है, मात्र 2.7 मीटर। यानी यह आसानी से तटीय इलाकों में जाकर दुश्मन की पनडुब्बियों को ढूंढ सकता है और उनका सफाया कर सकता है। यह दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोत है जो डीज़ल इंजन–वॉटरजेट कॉम्बिनेशन से चलता है।

जहाज में आधुनिक कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम मौजूद है और यह विमान के साथ मिलकर पनडुब्बी रोधी अभियान चला सकता है। इसमें कुल 57 नौसैनिक तैनात हो सकते हैं, जिनमें 7 अधिकारी शामिल होंगे।

सबसे अहम बात यह है कि इस युद्धपोत का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा भारत में ही निर्मित हुआ है। इससे न केवल नौसैनिक क्षमताओं में वृद्धि हुई है, बल्कि देश के रक्षा उत्पादन उद्योग को भी बल मिला है।

भारतीय नौसेना ने GRSE और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड से कुल 16 ASW-SWC जहाज मंगवाए हैं। ये जहाज पनडुब्बी रोधी अभियान, तटीय निगरानी, बारूदी सुरंग बिछाने और लो इंटेंसिटी मैरीटाइम ऑपरेशंस (LIMO) में नौसेना की ताकत को कई गुना बढ़ा देंगे।

GRSE के एक अधिकारी ने कहा, “यह उपलब्धि GRSE की भरोसेमंदता, आत्मनिर्भरता और भारत की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। लगभग 88 से 90 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल ‘एंड्रोथ’ जैसे युद्धपोतों में किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत और ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता का उदाहरण है।”

फिलहाल GRSE 13 और युद्धपोत बना रहा है, जिनमें दो P17A स्टील्थ फ्रिगेट, छह ASW-SWC, एक सर्वे वेसल और चार नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल शामिल हैं। इसके अलावा 26 अन्य जहाज भी निर्माणाधीन हैं, जिनमें नौ निर्यात के लिए हैं।

यह भी पढ़ें:

अयोध्या-वाराणसी हाईस्पीड एक्सप्रेस-वे से पर्यटन, विकास को नई उड़ान!

विपक्ष को बिहार में होता विकास नहीं दिख रहा : चिराग पासवान!

वर्षों बाद भी कार्यकर्ताओं संग जुड़ाव रखते हैं प्रधानमंत्री मोदी​!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,019फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
299,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें