गाजा में शनिवार (4 अक्टूबर)को इजरायल के ताज़ा हवाई हमलों में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ घंटे पहले ही बमबारी बंद करने और हमास की शांति के प्रति तैयार होने की घोषणा की थी। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, गाजा सिटी में एक हवाई हमले में चार लोग मारे गए, जबकि दक्षिणी गाजा के खान यूनिस में हुए हमले में दो और लोगों की मौत हुई।
यह हमले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय द्वारा ट्रंप की गाजा योजना के पहले चरण को “तत्काल लागू करने” की तैयारी के बयान के तुरंत बाद हुए। इस योजना के तहत हमास की प्रतिक्रिया के बाद इजरायली बंधकों की रिहाई शामिल है। बाद में इजरायली मीडिया ने बताया कि देश की राजनीतिक नेतृत्व ने सैन्य को क्षेत्र में आक्रामक संचालन घटाने का निर्देश दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शनिवार (4 अक्टूबर) को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की गाजा शांति पहल में भूमिका का स्वागत किया। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर कहा, “हम राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व का स्वागत करते हैं क्योंकि गाजा में शांति प्रयास निर्णायक प्रगति कर रहे हैं। बंधकों की रिहाई के संकेत एक महत्वपूर्ण कदम हैं।”
ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि हमास “स्थायी शांति के लिए तैयार प्रतीत हो रहा है” और नेतन्याहू से बमबारी अभियान को रोकने का आग्रह किया। उन्होंने अपने प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा,”इजरायल को तुरंत गाजा में बमबारी रोकनी चाहिए ताकि हम बंधकों को सुरक्षित और जल्दी बाहर निकाल सकें। यह सिर्फ गाजा का मामला नहीं है, बल्कि मध्य पूर्व में लंबे समय से प्रतीक्षित शांति का मामला है।”
नेतन्याहू कार्यालय ने जवाब में कहा कि इजरायल “राष्ट्रपति और उनकी टीम के साथ पूर्ण सहयोग में युद्ध समाप्त करने का काम जारी रखेगा, जो इजरायल के सिद्धांतों और राष्ट्रपति ट्रंप की दृष्टि के अनुरूप है।”
गाजा स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इजरायल के सैन्य अभियान में अब तक 66,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जिनमें 25 हजार से अधिक हमास के आतंकी थे। लंबे समय तक चले हमले ने गाजा के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, आपूर्ति प्रतिबंधों ने अकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी है और पहले से ही गंभीर मानवीय संकट को और बढ़ा दिया है।
इजरायल ने गाजा में आक्रामक अभियान 7 अक्टूबर 2023 को हमास आतंकियों ने इजरायल पर हमला कर 1,200 लोगो को मारने और 251 बंधक बनाने के बाद शुरू किए थे। इजरायल के अनुसार, अभी 48 बंधक बचे हैं, जिनमें 20 जीवित हैं। यह नवीनतम हमले और बंधकों की रिहाई को लेकर बढ़ता दबाव इजरायली नेतृत्व के सामने राजनीतिक और मानवीय चुनौती बढ़ा रहा है।
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