हरियाणा के फरीदाबाद में हाल ही में पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल के एक आरोपी डॉक्टर मुझम्मिल गनी ने इस साल जनवरी महीने में दिल्ली के लाल किले इलाके की कई बार रेकी की थी, यह खुलासा जांच एजेंसियों द्वारा की गई मोबाइल डेटा जांच में हुआ है। समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, डॉक्टर के फोन से प्राप्त लोकेशन डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स ने इस बात की पुष्टि की है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने PTI को नाम न बताने की शर्त पर बताया, “मुझम्मिल गनई ने जनवरी में कई बार लाल किले का दौरा किया था। ये सभी दौरे 26 जनवरी को होने वाले प्रस्तावित हमले से पहले की विस्तृत रेकी का हिस्सा थे।”अधिकारियों के अनुसार, यह आतंकी मॉड्यूल दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान बड़े पैमाने पर धमाका करने की योजना बना रहा था। जांचकर्ताओं को शक है कि गनी और उसके सहयोगियों ने यह प्लान जैश-ए-मोहम्मद के इशारों पर बनाया था।
दौरान इस मामले में फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर डॉ. भुपिंदर कौर आनंद ने कहा, “हमें इस दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम से गहरा दुख हुआ है और हम इसकी निंदा करते हैं। हमें जानकारी मिली है कि हमारे दो डॉक्टरों को जांच एजेंसियों ने हिरासत में लिया है। विश्वविद्यालय का इन व्यक्तियों से कोई संबंध नहीं है, सिवाय इसके कि वे अपने आधिकारिक पद पर हमारे साथ कार्यरत थे।”
विश्वविद्यालय ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके परिसर में किसी भी प्रकार का रासायनिक पदार्थ या प्रतिबंधित सामग्री न तो रखी जाती है और न ही उपयोग की जाती है। बयान में आगे कहा गया, “विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाएं केवल शैक्षणिक और प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाती हैं। हम राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस मामले में जांच एजेंसियों के साथ पूर्ण सहयोग कर रहे हैं ताकि वे निष्पक्ष और ठोस निष्कर्ष तक पहुंच सकें।”
Delhi Blast | Al-Falah University VC Prof. Dr Bhupinder Kaur Anand releases a statement.
The statement reads, "We are anguished by the unfortunate developments that took place and condemn the same… We have also learnt that two of our doctors have been detained by the… pic.twitter.com/3lScwQRpim
— ANI (@ANI) November 12, 2025
सुरक्षा एजेंसियां अब गनी और उसके सहयोगियों के सोशल मीडिया नेटवर्क, विदेशी संपर्क और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही हैं। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क फरीदाबाद, श्रीनगर और लखनऊ में सक्रिय था और चिकित्सकों तथा छात्रों को निशाना बनाकर उन्हें कट्टरपंथी बनाने की कोशिश की जा रही थी।
लाल किला और उसके आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को घटना के बाद से और सख्त कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि “यह भारत की राजधानी में एक बड़े आतंकी हमले को नाकाम करने में बड़ी सफलता” है।
यह भी पढ़ें:
डॉक्टरों को कट्टरपंथ की राह पर ले जाने वाला मौलवी इरफ़ान अहमद वगाह गिरफ्तार!
इस्लामाबाद बॉम्ब ब्लास्ट: जमात-उल-अहरार ने ली जिम्मेदारी पाकिस्तान ने आरोप लगाया भारत पर
भारत ने लॉन्च की देश की पहली MWh-स्केल वैनाडियम फ्लो बैटरी, ऊर्जा भंडारण में बड़ा कदम



