27.9 C
Mumbai
Sunday, October 18, 2026
होमक्राईमनामाशराब घोटाला: ईडी ने कुर्क की पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे...

शराब घोटाला: ईडी ने कुर्क की पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य की 61.20 करोड़ की संपत्ति

364 आवासीय भूखंडों और कृषि भूमि के रूप में अचल संपत्तियों को कुर्क किया है, जिसकी कीमत लगभग 59.96 करोड़ रुपए है। इसके अलावा, बैंक खाते और फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा 1.24 करोड़ रुपए की राशि को भी जब्त किया है।

Google News Follow

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ रुपए की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। सोमवार(10 नवंबर) को छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित आबकारी घोटाला मामले में चैतन्य बघेल के खिलाफ यह कार्रवाई हुई। इस बारे में केंद्रीय एजेंसी ने गुरुवार(13 नवंबर) को जानकारी दी।

ईडी ने 364 आवासीय भूखंडों और कृषि भूमि के रूप में अचल संपत्तियों को कुर्क किया है, जिसकी कीमत लगभग 59.96 करोड़ रुपए है। इसके अलावा, बैंक खाते और फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा 1.24 करोड़ रुपए की राशि को भी जब्त किया है। इससे पहले, ईडी ने अनिल टुटेजा (पूर्व आईएएस), अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी (आईटीएस) और कवासी लखमा (विधायक व छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री) को इस मामले में गिरफ्तार किया था।

छत्तीसगढ़ में हुए कथित शराब घोटाले के केस में एसीबी ने कई धाराओं में चैतन्य बघेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसी आधार पर ईडी ने मामले की जांच शुरू की। जांच से पता चला कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और अवैध तरीके से अर्जित 2500 करोड़ रुपए से अधिक की आपराधिक आय (पीओसी) लाभार्थियों की जेबों में गई।

एजेंसी ने बताया कि पीएमएलए के तहत की गई जांच से पता चला है कि भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की शराब सिंडिकेट में सबसे प्रमुख भूमिका थी। मुख्यमंत्री के बेटे होने के नाते, उन्हें शराब सिंडिकेट का नियंत्रक और सर्वोच्च अधिकारी बनाया गया था। सिंडिकेट की ओर से जुटाए गए अवैध धन का ‘हिसाब’ रखने की जिम्मेदारी भी चैतन्य की थी। ऐसे कलेक्शन, चैनलाइजेशन और डिस्ट्रीब्यूशन (पीओसी) से जुड़े सभी बड़े फैसले उनके निर्देशों पर लिए जाते थे।

जांच में यह भी पता चला कि उन्हें पीओसी मिलती थी, जिसे चैतन्य ने अपने रियल एस्टेट कारोबार में शामिल किया और बेदाग संपत्ति के रूप में दर्शाया। चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से मिली पीओसी का इस्तेमाल अपनी स्वामित्व वाली कंपनी बघेल डेवलपर्स के तहत अपनी रियल एस्टेट परियोजना ‘विट्ठल ग्रीन’ के विकास के लिए किया। चैतन्य बघेल को ईडी ने 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

यह भी पढ़ें:

‘आतंकी छाया’ में अल-फलाह यूनिवर्सिटी: वेबसाइट बंद, NAAC का नोटिस, अब ED की जांच शुरू

ED: जेपी इंफ्राटेक के एमडी मनोज गौर गिरफ्तार, ₹12,000 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग का मामला

डॉ. उमर-उन-नबी के साले फहीम को फरीदाबाद पुलिस की गिरफ्त में

National Stock Exchange

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited
[td_block_social_counter open_in_new_window="y" style="style6 td-social-boxed" block_template_id="td_block_template_9" border_color="#fbd54a" f_header_font_size="26" f_header_font_weight="700" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXRvcCI6IjAiLCJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJwYWRkaW5nLXRvcCI6IjAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn19" custom_title="हमें फॉलो करें" facebook="NewsDankaHindi" twitter="NewsDanka" youtube="channel/UCqtL0xCsgAmB3XXrh9nln2Q" manual_count_twitter="526" f_header_font_family="668"]

अन्य लेटेस्ट खबरें