बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA की ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। अपने भावनात्मक और आक्रामक संबोधन में उन्होंने इसे “जनता के अटूट विश्वास का जनादेश” बताया और कहा कि बिहार ने एक बार फिर विकास, स्थिरता और सुशासन के पक्ष में निर्णायक मतदान किया है। संबोधन की शुरुआत उन्होंने पारंपरिक तरीके से की “जय छठी मैय्या” के नारे के साथ की। कहा कि आज पूरे बिहार में “मखाने की खीर” बन रही है, जो इस विजय का प्रतीक है।
पीएम मोदी ने कहा कि NDA जनता का सेवक है और इस गठबंधन ने जनता का दिल जीतकर ही यह प्रचंड जनादेश हासिल किया है। उन्होंने दोहराया कि बिहार ने NDA सरकार को मजबूती से चुना है और अब जंगलराज तथा “कट्टा सरकार” की राजनीति कभी वापस नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि जनता ने विकसित और समृद्ध बिहार के लिए वोट किया है और इस बार मतदान ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उनके अनुसार, 2010 के बाद का सबसे बड़ा जनादेश NDA को मिला है, जिसके लिए उन्होंने बिहार की जनता को नमन किया और जयप्रकाश नारायण व कर्पूरी ठाकुर को भी श्रद्धांजलि दी।
अपने भाषण में उन्होंने बिहार के बदलते सामाजिक समीकरणों का ज़िक्र करते हुए कहा कि पहले कुछ दल एम-वाई (मुस्लिम-यादव) तुष्टिकरण की राजनीति करते थे, लेकिन इस चुनाव ने एक नया “सकारात्मक एम-वाई — महिला और युवा” पैदा किया है। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं ने जंगलराज की राजनीति को खत्म कर दिया और महिलाओं ने NDA की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई। पीएम मोदी ने किसानों, मजदूरों, पशुपालकों, दुकानदारों और सभी वर्गों का आभार जताते हुए NDA नेता नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और जीतनराम मांझी की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने शांतिपूर्ण और रिकॉर्ड मतदान के लिए पुलिस, सुरक्षा बलों और चुनाव आयोग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बिहार कभी नक्सल हिंसा और अराजकता का गढ़ माना जाता था, लेकिन इस चुनाव में कहीं पुनर्मतदान न होना इस बात का सबूत है कि राज्य ने जंगलराज को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता अब मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर अत्यंत गंभीर हैं और सभी राजनीतिक दलों को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
पीएम मोदी ने कांग्रेस और RJD पर भी तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता छठ पूजा जैसी परंपराओं को “ड्रामा” कहने वालों को कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अब “मुस्लिम लीग–माओवादी कांग्रेस (MMC)” बन गई है, और पार्टी के भीतर भी असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की कि भविष्य में कांग्रेस का विभाजन होना तय है। उन्होंने RJD—कांग्रेस गठबंधन को “नकारात्मक राजनीति” का प्रतिनिधि बताया और कहा कि जनता ने अब तुष्टिकरण की राजनीति को पूरी तरह नकार दिया है।
बिहार की जीत को उन्होंने लोकतंत्र, विकास और सामाजिक न्याय की जीत बताया। उन्होंने कहा कि NDA ने राज्य में 25 वर्षों की “स्वर्णिम विकास यात्रा” का रास्ता खोल दिया है। जंगलराज की पीड़ा झेलने वाली महिलाओं और हिंसा में प्रभावित युवाओं को समर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले पांच सालों में बिहार तेज़ी से आगे बढ़ेगा नए उद्योग आएंगे, निवेश बढ़ेगा, पर्यटन और विरासत स्थलों का विकास होगा।
अपने भाषण के अंत में पीएम मोदी ने देश-विदेश में बसे बिहारियों को राज्य में निवेश और विकास के नए दौर में भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा “आपका विश्वास मेरा प्रण है, आपकी आशा मेरा संकल्प है।” उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि इस जीत ने बंगाल, केरल, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में भी भाजपा को नई ऊर्जा दी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भाजपा बंगाल में भी जंगलराज समाप्त कर लोकतंत्र बहाल करेगी।
अपने संबोधन के समापन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह जीत सिर्फ NDA की नहीं, बल्कि भारत के लोकतंत्र की जीत है और बिहार ने साफ तौर पर कह दिया है “झूठ की हार होती है, जनविश्वास की जीत होती है।”
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