पंजाब में लगातार बढ़ती लक्षित हत्याओं और हिंसक घटनाओं के बीच अमृतसर और फिरोजपुर में हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर तीखी राजनीतिक बहस छेड़ दी है। 19 और 20 नवंबर की रात हुए एनकाउंटरों ने न सिर्फ हत्या श्रृंखला की कड़ियों पर नए सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पुलिस की कार्यशैली और अपराधियों के कनेक्शन पर भी गंभीर चिंताएं उभारी हैं।
पहली मुठभेड़ अमृतसर में हुई, जहां पुलिस ने हरजिंदर सिंह उर्फ़ हैरी पर गोली चलाई। हाल ही में जेल से ज़मानत पर बाहर आए हैरी पर पांच आपराधिक मामले दर्ज थे और पुलिस के अनुसार उसके ड्रग और हथियार तस्करी नेटवर्क के पाकिस्तान के ISI और विदेशी गैंगस्टरों से संपर्क थे। अधिकारी बताते हैं कि यह नेटवर्क ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से हथियार मंगाता था।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के मुताबिक, “सूचना मिली थी कि एक पुराना अपराधी परिष्कृत हथियार के साथ target killing की तैयारी में है। रोकने पर उसने फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई।” हैरी का साथी सनी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने हैरी से जुड़े पांच पुराने मामलों को फिर से खोल दिया है और उसकी डिजिटल पहचान से जुड़े नए सुरागों की जांच चल रही है।
अमृतसर करीब 120 किलोमीटर दूर, फिरोजपुर में पुलिस ने गुरसिमरन उर्फ़ जतिन काली का पीछा किया, जिसे 15 नवंबर को RSS कार्यकर्ता नवीन अरोड़ा की हत्या का मास्टरमाइंड बताया जाता था। पुलिस बताती है कि काली ने चेकपोस्ट देखते ही फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद उसे तीन गोलियां लगीं। अधिकारियों ने पुष्टि की कि उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। SSP भूपिंदर सिंह ने कहा, “दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार थे। काली तीसरा और मुख्य आरोपी था। उसने पुलिस पार्टी पर गोली चलाई, जिसके बाद कार्रवाई की गई।”
15 नवंबर से राज्य भर में लगातार लक्षित हत्याएं और हमले हो रहे हैं, फिरोजपुर में RSS वॉलंटियर की हत्या, नवांशहर में गैंगवार, अमृतसर में दुकानदार की हत्या, फगवाड़ा में शिव सेना नेता पर हमला, BJP नेता के सहयोगी मखन सिंह की हत्या, डॉक्टर पर फायरिंग और एक रैनसम से जुड़ी हत्या। 19 नवंबर को गुरदासपुर में एक जेल गार्ड ने अपनी पत्नी और सास को मारकर आत्महत्या कर ली, जबकि मोगा में एक दुकानदार ने हमलावरों पर जवाबी फायरिंग की।
राज्य में हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर विपक्ष ने सीएम भगवंत मान सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। BJP नेता सुनील जाखड़ ने कहा, “कोई सुरक्षित नहीं है… यह पंजाब की सांप्रदायिक सद्भावना को तोड़ने की बड़ी साजिश लगती है।”
कांग्रेस अध्यक्ष राजा अमरिंदर वड़िंग ने लिखा, “कोई दिन बिना हत्या के नहीं बीत रहा… सरकार पूरी तरह नाकाम है।” पंजाब पुलिस का कहना है कि सभी मामलों में अंतरराष्ट्रीय और गैंगस्टर नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है।
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