वर्तमान में लगभग एक लाख श्रद्धालु सन्निधानम और उसके आसपास डेरा डाले हुए हैं। तीर्थयात्री एरुमेली के जंगल मार्ग से लगातार पहुंच रहे हैं। इस बार मकर ज्योति दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
मकर ज्योति दर्शन के बाद श्रद्धालुओं में अक्सर वापस लौटने की जल्दबाजी रहती है, लेकिन अध्यक्ष ने आग्रह किया है कि ऐसी कोई आवश्यकता नहीं है। धैर्य रखें और सुरक्षित तरीके से लौटें। पंपा में केएसआरटीसी की अधिक बसें लगाई गई हैं, ताकि वापसी आसान हो।
केरल पुलिस भीड़ प्रबंधन के लिए पूरी तरह तैयार है। सन्निधानम में सुरक्षित दर्शन के लिए कई निर्दिष्ट स्थान बनाए गए हैं। अध्यक्ष ने यह भी घोषणा की है कि 6 फरवरी को सभी संबंधित विभागों की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें इस साल के मंडल-मकर विलक्कु सीजन की समीक्षा की जाएगी और अगले तीर्थयात्रा सीजन की योजना तैयार की जाएगी।
यह उत्सव 14 जनवरी 2026 को मनाया जा रहा है, जो मकर संक्रांति के साथ जुड़ा है। लाखों भक्तों की आस्था और भक्ति का यह पर्व शांति, सुरक्षा और दिव्य अनुभव के साथ संपन्न होगा। सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि नियमों का पालन करें और उत्सव को सफल बनाएं।
मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ लड्डू: परंपरा भी, सेहत का मजबूत सहारा भी!



