पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर में अवैध निर्माण के विरोध के दौरान हुई हिंसक झड़प में 81 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हुई। मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। रविवार ( 8 फरवरी) को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील रवीन्द्रनाथ भट्टाचार्य को इस मामले में गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी (FIR) में आरोप है कि उन्होंने 81 वर्षीय तुलसी अधिकारी पर हमला किया, जिसके परिणामस्वरूप उनकी मृत्यु हो गई।
पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना 7 फरवरी (शनिवार) को बैरकपुर के मणिरामपुर इलाके में हुई, जो बाली घाट के पास स्थित है। यहां तुलसी अधिकारी और उनके परिवार ने उनके घर के पास बन रहे तीन मंजिला कथित अवैध निर्माण के खिलाफ विरोध दर्ज कराया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान भट्टाचार्य मौके पर पहुंचे, जहां बहस बढ़ते-बढ़ते हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि भट्टाचार्य ने पहले तुलसी अधिकारी के बेटे हेमंत पर हमला किया, जिसके बाद बुजुर्ग अधिकारी बीच-बचाव के लिए आगे आए। परिवार का दावा है कि भट्टाचार्य ने बुजुर्ग को लात मारी, जिससे वे गिर पड़े और बाद में उन्हें बैरकपुर कैंटोनमेंट अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
गिरफ्तारी के बाद भट्टाचार्य को अगले दिन बैरकपुर की एक अदालत में पेश किया गया, जहां उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 101 के तहत हत्या का आरोप लगाया गया। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। भट्टाचार्य बैरकपुर बार एसोसिएशन के सचिव रह चुके हैं और उत्तर बैरकपुर नगरपालिका के वार्ड संख्या 23 से टीएमसी पार्षद थे। हालांकि रिपोर्ट के अनुसार अब हत्या के बाद उन्हें छह वर्षों के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी ने कहा, “जांच जारी है और आरोपी से आगे पूछताछ की जाएगी। हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि मौत का सटीक कारण पता चल सके।”
प्रशासन ने बताया, “हम उस अवैध निर्माण में स्थानीय नेताओं की भूमिका की जांच कर रहे हैं, जिसके कारण यह विरोध हुआ। मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत का सही कारण निर्धारित किया जा सके।” घटना स्थल को घेर लिया गया है और पुलिस वहां लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। साथ ही, पड़ोसियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
इस बीच, मृतक के परिवार ने बताया कि उन्होंने पहले भी अनधिकृत निर्माण को लेकर भट्टाचार्य से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने नगर पालिका में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया और भट्टाचार्य के लिए मृत्युदंड की मांग की। पार्टी ने आरोप लगाया कि उन्हें जेल में VIP ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूर्व सांसद अर्जुन सिंह और बैरकपुर संगठनात्मक जिला अध्यक्ष तपस घोष के नेतृत्व में चिरिया मोड़ स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा से बैरकपुर अदालत तक मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बैरिकेड तोड़े गए, सड़क जाम किया गया और कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। अर्जुन सिंह ने कहा, “हम पुलिस द्वारा हत्यारे पार्षद को दिए जा रहे वीआईपी ट्रीटमेंट के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। हम माध्यमिक (कक्षा 10 बोर्ड) परीक्षा दे रहे छात्रों के हित में धरना समाप्त कर रहे हैं। लेकिन अगर न्याय नहीं मिला, तो परीक्षा खत्म होने के बाद हम एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
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