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पत्रकार हत्या मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को हाईकोर्ट से बरी

बलात्कार मामले की सजा अभी भी जारी

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पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने शनिवार (7 मार्च)को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंग इंसान को वर्ष 2002 के पत्रकार हत्या मामले में बरी कर दिया। सजा के सात वर्ष से अधिक समय बाद यह फैसला आया है। इससे पहले विशेष सीबीआई अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि हत्या मामले में बरी होने के बावजूद राम रहीम फिलहाल जेल में ही रहेगा, क्योंकि वह दो साध्वियों से बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा काट रहा हैं।

राम रहीम के वकील जितेंदर खुराना ने फैसले की पुष्टि करते हुए कहा, “कोर्ट ने उन्हें पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में बरी कर दिया है।”

दरअसल वर्ष 2019 में एक विशेष सीबीआई अदालत ने राम रहीम और तीन अन्य आरोपिय कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को सिरसा के पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में दोषी ठहराया था। अदालत ने सभी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए राम रहीम ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पहले ही अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे शनिवार को सुनाया गया।

पत्रकार राम चंद्र छत्रपति हरियाणा के सिरसा से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र पूरा सच का संचालन करते थे। अक्टूबर 2002 में उनके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद बाद में उनकी मौत हो गई थी।

हमले से पहले उनके अखबार में एक गुमनाम पत्र प्रकाशित हुआ था, जिसमें डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में महिला अनुयायियों के कथित यौन शोषण के आरोप लगाए गए थे। इस खुलासे के बाद मामला काफी चर्चा में आया था।

घटना के बाद छत्रपति के परिवार ने वर्ष 2003 में हाईकोर्ट का रुख करते हुए मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की मांग की थी। इसके बाद अदालत के आदेश पर जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी गई। सीबीआई ने जुलाई 2007 में इस मामले में आरोपपत्र दाखिल किया था।

हालांकि इस मामले में बरी होने के बावजूद राम रहीम की रिहाई नहीं होगी। वर्ष 2017 में दो महिला शिष्यों से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उसे 20 वर्ष की सजा सुनाई गई थी। उसी सजा के तहत वह फिलहाल हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल में बंद हैं।

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