हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी कमांडर अहमद सज्जाद इस्लामाबाद में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया है। उसकी मौत ने पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के भीतर जारी गतिविधियों और संभावित अंदरूनी संघर्षों पर सवाल खड़े किए हैं। अहमद सज्जाद जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले का रहने वाला था और 1997 में अवैध रूप से पाकिस्तान चला गया था, जहां उसने आतंकी प्रशिक्षण लिया और वहीं से सक्रिय रहा। पाकिस्तान में रहते हुए वह जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों के समन्वय से जुड़ा हुआ था।
उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह स्पष्ट नहीं है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह घटना हत्या भी हो सकती है या फिर आतंकी गुटों के बीच आपसी टकराव का नतीजा हो सकती है। पाकिस्तान की ओर से इस मामले में अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
यह घटना हाल के दिनों में पाकिस्तान में आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों की लगातार हो रही हत्याओं की कड़ी में जुड़ती दिख रही है। 26 अप्रैल 2026 को लश्कर-ए-तैयबा से जुडे हाफ़िज़ सईद के करीबी शेख युसूफ अफरीदी को खैबर पख्तूनख्वा में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी।
इसी दौरान अबू सखार मकसूद अहमद की मौत की खबर भी सामने आई, जबकि मसूद अजहर के भाई मौलाना सलमान अजहर के भी मारे जाने की सूचना है। ये घटनाएं पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के भीतर आपस में बढ़ी अस्थिरता की ओर इशारा करती हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, इन हत्याओं के पीछे आतंकी संगठनों के भीतर आपसी संघर्ष, खुफिया गतिविधियां या बाहरी दबाव जैसे कारण हो सकते हैं। हालांकि, इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।अहमद सज्जाद करीब तीन दशकों से पाकिस्तान में सक्रिय था और हिजबुल मुजाहिदीन के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। उसकी मौत ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान में सक्रिय कई आतंकी चेहरों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
यह घटनाक्रम एक ओर जहां पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क के भीतर बढ़ती दरारों को दिखाता है, वहीं दूसरी ओर इन संगठनों की गतिविधियों और संरचना पर भी दबाव बढ़ने के संकेत देता है।
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