29 C
Mumbai
Monday, September 28, 2026
National Stock Exchange of India Limited
होमबॉलीवुडसेंसर बोर्ड की नई एग्जीक्यूटिव की घोषणा!

सेंसर बोर्ड की नई एग्जीक्यूटिव की घोषणा!

पंकज त्रिपाठी, प्रीति जिंटा और 'ये' मराठी कलाकार शामिल

Google News Follow

Related

- Advertisement -National Stock Exchange

लगभग सात साल के लंबे इंतज़ार के बाद, सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फ़िल्म सर्टिफ़िकेशन (CBFC) की नई एग्जीक्यूटिव की घोषणा हो गई है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने नए मेंबर्स के नामों की घोषणा करके बोर्ड को फिर से बनाया है। शशि शेखर वेम्पति की अध्यक्षता वाली इस नई एग्जीक्यूटिव में कुल 18 मेंबर्स को शामिल किया गया है। खास बात यह है कि बॉलीवुड के साथ-साथ मराठी फ़िल्म इंडस्ट्री के कलाकारों को भी इस एग्जीक्यूटिव में जगह दी गई है।

नई एग्जीक्यूटिव में मराठी कलाकार निशिगंधा वड, पल्लवी जोशी और वामन केंद्र को शामिल किया गया है। इसलिए, मराठी फ़िल्म इंडस्ट्री में इन नियुक्तियों पर चर्चा हो रही है। वहीं, पिछली एग्जीक्यूटिव कमेटी में एक्ट्रेस विद्या बालन, डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री, पूर्व फुटबॉलर मिहिर भूटिया, एक्ट्रेस गौतमी तड़ीमल्ला, वाणी त्रिपाठी टिक्कू, जीविता राजशेखर और डायरेक्टर नरेश चंद्र लाल के साथ वामन केंद्रा और रमेश पतंगे शामिल थे।

नई एग्जीक्यूटिव कमेटी में कई मशहूर बॉलीवुड कलाकारों को भी मौका दिया गया है। एक्ट्रेस प्रीति जिंटा, एक्टर सुनील शेट्टी और पंकज त्रिपाठी को नए बोर्ड में शामिल किया गया है।

CBFC बोर्ड को सिनेमैटोग्राफ एक्ट के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए तीन साल या अगले आदेश तक के लिए फिर से बनाया गया है। बोर्ड का पिछला औपचारिक पुनर्गठन अगस्त 2017 में हुआ था। सात साल के गैप के बाद, नए CBFC बोर्ड की घोषणा की गई है।

नई एग्जीक्यूटिव कमिटी के 18 मेंबर्स के नाम

मनोज जोशी, सुनील शेट्टी, प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी, प्रोसेनजीत चटर्जी, प्रियदर्शन म्यूजिक कंपोजर रिकी केज विनोद अनुपम अभिषेक जैन हंसराज हंस सुप्रिया यार्लागड्डा यतींद्र मिश्रा रूपाली गांगुली नीला माधब पांडा पल्लवी जोशी निशिगंधा वड वामन केंद्र रमेश पतंगे

सेंसर बोर्ड का काम

किसी भी इंडियन फिल्म को थिएटर में रिलीज करने से पहले, उसे सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन, या सेंसर बोर्ड से सर्टिफाइड होना चाहिए। सेंसर बोर्ड के सर्टिफिकेशन के बिना, कोई भी फिल्म ऑफिशियली बड़े पर्दे पर रिलीज नहीं हो सकती।

सेंसर बोर्ड का मेन काम फिल्म की जांच करना और उसके कंटेंट और सब्जेक्ट मैटर के हिसाब से उसे सही सर्टिफिकेट देना है। फिल्म को ‘U’, ‘UA’, ‘A’ या दूसरी लागू कैटेगरी का सर्टिफिकेट दिया जाता है।

बोर्ड फिल्म में ऐसे सीन, डायलॉग या दूसरे कंटेंट को बदलने के लिए भी इंस्ट्रक्शन दे सकता है जो ऑब्जेक्शनेबल हों या नियमों को वायलेट करते हों। फिल्ममेकर्स को इन गाइडलाइंस और सर्टिफिकेशन कंडीशंस को फॉलो करना होता है।

यह भी पढ़ें-

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,217फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
335,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें