जिला खनन अधिकारी के सरकारी आवास पर काली कमाई का ऐसा खजाना उजागर हुआ, जिसे देखकर जांच टीम के सदस्य भी हैरान हो गए। विजिलेंस की टीम जब सरकारी आवास पर पहुंची तो वहां दो अलमारी मिली। एक अलमारी में कपड़ों के साथ लाखों रुपये से भरा बैग रखा था, जबकि छोटी अलमारी में कपड़ों की तरह नोट की गड्डियां थी। दोनों अलमारी में गुप्त लॉक के साथ बाहर भी ताला लगा मिला।
गुरुवार दोपहर तीन बजे विजिलेंस की दो टीम खनन अधिकारी सुधाकर सिंह को लेकर उनके सरकारी आवास पहुंची और घर की तलाशी ली। अलमारी के खानों में 200 और 500 रुपये के नोटों की गड्डियां सजाकर रखी गई थीं। पास में रखी दूसरी अलमारी को खोला गया तो उसमें दो बड़े बैग पैक करके रखे मिले, जिनमें सिर्फ 500-500 रुपये के नोटों के बंडल भरे गए थे।
टीम रुपये लेकर थाने पहुंची और जब गिनना शुरू किया तो थक गए। इसके बाद एलडीएम से मशीन मंगाई गई और मशीनों से नोट की गिनती हुई। वहीं दूसरी ओर हिरासत में लिए गए जिला खनन अधिकारी सुधाकर सिंह अधिकारियों के बीच बेफिक्र होकर चाय की चुस्कियां लेते रहे।
उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) मेरठ सेक्टर की ट्रैप टीम ने गुरुवार को जिला खनन अधिकारी कार्यालय से जिला खनन अधिकारी सुधाकर सिंह और संविदा कर्मी सहायक लिपिक सद्दाम को 85 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्यालय में खनन अधिकारी की दराज से आठ लाख रुपये नकद और खनन अधिकारी के घर से 63 लाख रुपये बरामद हुए। टीम ने दोनों आरोपितों को हिरासत में लिया और थाने लाकर पूछताछ की गई।
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