इस दौरान उन्होंने कहा, “जैसा कि मैंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, यह भारत है। अमित शाह जी, इसे अच्छी तरह देखिए। यहां कोई हिंदू नहीं, कोई मुसलमान नहीं, किसी खास जाति का कोई नहीं, कोई महिला नहीं, कोई पुरुष नहीं। एक ही आवाज है, एक ही विरोध है।
राहुल गांधी ने पुलिसकर्मियों को लेकर कहा, “मैंने सभी छात्रों से कहा है कि वीडियो रिकॉर्ड रखें और वह सबूत हमें भेजें। जब यह पूरा मामला खत्म होगा, तो हम उन सभी सबूतों का उपयोग करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि जिसे सजा मिलनी चाहिए उसे सजा मिले। प्रधानमंत्री से लेकर ज्ञानेश कुमार, अमित शाह और यहां तक कि वह सिपाही भी जो हमारे बच्चों पर हाथ उठा रहे हैं उन्हें सजा मिलेगी। बस आप सारे सबूत रखिए अपने पास।”
वहीं, राहुल गांधी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने साथ कुछ बच्चों को भी लाए थे। उन्हीं में से एक बच्चे धर्मेंद्र कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “पुलिसकर्मियों ने हमसे कहा कि बोलो, दिल्ली पुलिस तुम्हारे पापा हैं। हमें बहुत मारा गया, हमसे अंकित कसाना नाम के एक पुलिसवाले ने कहा कि बुला ले अपने नेता को, तुम्हें कोई बचाने नहीं आएगा। हम फिर प्रोटेस्ट में जाएंगे, लेकिन अन्याय के खिलाफ झुकेंगे नहीं, लड़ेंगे और जीतेंगे।”
समर्थ नाम के एक अन्य छात्र ने कहा, “हम लोग 4 अक्टूबर से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और 5 अक्टूबर को हमें हिरासत में लिया गया। फिर हमें पार्लियामेंट पुलिस स्टेशन ले जाकर वहाब सिंह तोमर नाम के पुलिसकर्मी के साथ 20 पुलिसवालों ने बुरी तरह से मारा।



