समिति के एक कार्यकर्ता ने आईएएनएस से कहा, “हमारी समिति 58 सालों से यहां मूर्ति स्थापना कर रही है। इस साल काफी अनोखा पंडाल बनाया गया है। इसे समिति के सभी सदस्यों द्वारा सजाया गया है। इसमें स्टेशनरी का सारा सामान लगाया गया है।”
एक अन्य सदस्य ने कहा, “यह जो स्टेशनरी वर्ल्ड की थीम है, इसमें जितना भी स्टेशनरी का सामान उपयोग हुआ है, उसे विसर्जन के दिन अलग-अलग जगहों के बच्चों को बांट दिया जाएगा।”
एक भक्त ने कहा, “हर साल अलग-अलग थीम होती है, इस बार स्टेशनरी वर्ल्ड की थीम है और माता रानी का श्रृंगार भी इस बार स्टेशनरी आइटम से किया गया है। इसे बनाना बहुत कठिन होता है, पर जो कारीगर हैं, उन्होंने बड़ी ही सुंदरता से माता रानी का शृंगार किया है।
58 साल पुरानी इस समिति ने इस बार भक्ति के साथ-साथ शिक्षा को जोड़ने का संदेश दिया है। पंडाल देखने आए लोग इस पहल की काफी सराहना कर रहे हैं। जहां आमतौर पर पंडालों को फूलों और लाइटों से सजाया जाता है, वहीं मसानगंज का यह पंडाल शिक्षा और मदद का संदेश दे रहा है।



