अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भारत ने अपनी सैन्य ताकत और तैयारियों को मजबूत करने के लिए तीन दिवसीय विशाल सैन्य अभ्यास शुरू किया है. इस ‘हवाई फायरिंग ड्रिल’ में तीनों सेनाएं थलसेना, नौसेना और वायुसेना शामिल हैं. इसका उद्देश्य हिंद महासागर में भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत करना, हथियार प्रणालियों का परीक्षण करना और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना है.
तीनों सेनाओं का यह अभ्यास श्री विजयपुरम के पास 22 अक्टूबर तक चलेगा. अंडमान-निकोबार कमांड ने इस दौरान समुद्र में जहाजों और आसमान में उड़ने वाले विमानों के लिए चेतावनी जारी की है. इसके तहत 22 अक्टूबर तक सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक तय इलाके से दूर रहने को कहा गया है. यह अभ्यास क्षेत्र में भारत की सामरिक स्थिति को पुख्ता करेगा.
अंडमान-निकोबार भारत की अहम कमांड में से एक है. इसमें तीनों सेनाओं यानी थलसेना, नौसेना और वायुसेना के साथ मिलकर काम करती है. इस सैन्य अभ्यास में नौसेना और वायुसेना के लड़ाकू विमान और दूसरे सैन्य प्लेटफॉर्म शामिल हो सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान लड़ाकू विमानों से तोपों की फायरिंग, मिसाइल और रॉकेट का परीक्षण किया जा सकता है.
अंडमान-निकोबार भारत की अहम कमांड में से एक है. इसमें तीनों सेनाओं यानी थलसेना, नौसेना और वायुसेना के साथ मिलकर काम करती है. इस सैन्य अभ्यास में नौसेना और वायुसेना के लड़ाकू विमान और दूसरे सैन्य प्लेटफॉर्म शामिल हो सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान लड़ाकू विमानों से तोपों की फायरिंग, मिसाइल और रॉकेट का परीक्षण किया जा सकता है.
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