27.4 C
Mumbai
Thursday, July 2, 2026
होमदेश दुनियारोहिंग्या घुसपैठियों के बच्चों की स्कूल में प्रवेश की मांग को दिल्ली...

रोहिंग्या घुसपैठियों के बच्चों की स्कूल में प्रवेश की मांग को दिल्ली हाईकोर्ट ने ठुकराई!

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई के दरम्यान कहा कि देश में शिक्षा का अधिकार केवल भारत के नागरिकों का है।

Google News Follow

Related

दिल्ली हाई कोर्ट ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर राजधानी में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों के बच्चों को दिल्ली के सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि शिक्षा का अधिकार सिर्फ भारतीय नागरिकों को है। मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की दिल्ली उच्च न्यायालय की पीठ ने कहा कि इस मामले पर केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क किया जा सकता है।

बता दें की हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई के दरम्यान कहा कि देश में शिक्षा का अधिकार केवल भारत के नागरिकों का है। आपको पहले उचित प्राधिकारी के पास जाना चाहिए था, लेकिन आप सीधे अदालत आ गये। ये हम तय नहीं कर सकते| यह रणनीतिक निर्णय का मामला है। अदालतें नागरिकता नहीं दे सकतीं, नागरिकता देना सरकार का काम है| ये कोई छोटा-मोटा मामला नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मामला है।

कोर्ट ने कहा कि ये बच्चे भारतीय नहीं हैं| इसलिए इसके अंतरराष्ट्रीय निहितार्थ हैं। इस मामले में नीतिगत निर्णय की आवश्यकता है, जिस पर निर्णय लेने के लिए भारत सरकार अच्छी स्थिति में है। कोर्ट ने आगे कहा, ‘बच्चों’ का मतलब यह नहीं है कि पूरी दुनिया यहां आएगी, ये अंतरराष्ट्रीय मुद्दे हैं। यह सुरक्षा और राष्ट्रीयता को प्रभावित करता है। साथ ही हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि केंद्र सरकार इस मामले पर विचार करे और जल्द से जल्द फैसला ले।

यह याचिका एनजीओ सोशल ज्यूरिस्ट की ओर से वकील अशोक अग्रवाल ने दायर की थी। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली नगर निगम के स्कूल रोहिंग्या शरणार्थी बच्चों को स्कूल में दाखिला नहीं दे रहे हैं क्योंकि उनके पास आधार कार्ड नहीं है। साथ ही पंजीकृत रोहिंग्या बच्चों को अन्य वैधानिक लाभ से भी वंचित किया जा रहा है। ऐसा करना संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 21ए के साथ-साथ मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा अधिनियम का उल्लंघन बताया गया है।

यह भी पढ़ें-

पश्चिम​ रेलवे: ​रेल यात्रियों ​की​ अब खैर नहीं, तय​ सीमा से अधिक सामान ​पर देना​ होगा​ जुर्माना!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,194फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
318,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें