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एचएसबीसी पीएमआई सर्वे: भारत के सर्विसेज सेक्टर की फरवरी में वृद्धि दर रही मजबूत!

सर्वे में कहा गया, "बढ़ते नए व्यवसायों को समायोजित करने और क्षमता विस्तार करने के लिए भारतीय सर्विस कंपनियों ने भर्ती जारी रखी है।

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भारत के सर्विसेज सेक्टर की फरवरी में वृद्धि दर मजबूत रही है। इसका पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) बढ़कर 59 हो गया है, जो कि पिछले महीने 56.5 था। यह जानकारी बुधवार को जारी हुए एचएसबीसी पीएमआई सर्वे में दी गई। विकास की तेज गति के कारण रोजगार सृजन भी 2005 के बाद सबसे अधिक गति से बढ़ा है।

सर्वे में कहा गया, “बढ़ते नए व्यवसायों को समायोजित करने और क्षमता विस्तार करने के लिए भारतीय सर्विस कंपनियों ने भर्ती जारी रखी है। रोजगार में तेजी वृद्धि हुई है और यह दिसंबर 2005 में डेटा संग्रह शुरू होने के बाद से सबसे तेज वृद्धि में से एक है।”

एचएसबीसी के मुख्य भारतीय अर्थशास्त्री, प्रांजुल भंडारी ने कहा, “न्यू एक्सपोर्ट बिजनेस इंडेक्स के अनुसार, वैश्विक मांग, जो छह महीनों में सबसे तेज गति से बढ़ी है, ने भारत के सर्विस सेक्टर के उत्पादन में ग्रोथ को बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाई है।”

सर्वे में बताया गया कि बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिलने से सर्विसेज सेक्टर की वृद्धि को सहारा मिल रहा है। अफ्रीका, एशिया, यूरोप, मध्य पूर्व और अमेरिका से मजबूत मांग देखने को मिल रही है। इसके कारण बाह्य बिक्री छह महीने में सबसे तेज गति से बढ़ी है।

सर्वे के अनुसार, मजबूत मांग के चलते सर्विस सेक्टर की कंपनियां बढ़ती लागत को ग्राहकों को पास कर पा रही हैं। कीमत बढ़ने का सबसे अधिक प्रभाव कंज्यूमर सर्विसेज पर हुआ है।

सर्वे में बताया गया कि पीएमआई सर्वे में ट्रैक किए गए सर्विस अर्थव्यवस्था के चार व्यापक क्षेत्रों में से कंज्यूमर सर्विसेज कैटेगरी में लागत का सबसे अधिक असर देखा गया है। विक्रय शुल्क में सबसे अधिक वृद्धि परिवहन, सूचना एवं संचार कंपनियों द्वारा की गई है।

यह सर्वे पिछले सप्ताह जारी आधिकारिक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) आंकड़ों के अनुरूप है, जिसमें दिखाया गया था कि सर्विस सेक्टर के प्रदर्शन के कारण तीसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधि में तेजी आई है और दूसरी तिमाही में 5.6 प्रतिशत की धीमी गति के बाद विकास दर 6.2 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

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