विमान निर्माण कंपनी एयरबस ने अपनी ए320 सीरीज़ के 6,000 विमानों को तत्काल मरम्मत के लिए रिकॉल किया है। इस बड़े कदम का असर भारत समेत दुनिया भर में उड़ान संचालन पर पड़ रहा है। कंपनी के अनुसार, समस्या का समाधान सरल है। सॉफ़्टवेयर के पुराने संस्करण पर अस्थायी रूप से वापस लौटना, लेकिन यह उपाय उड़ानें फिर से शुरू करने से पहले अनिवार्य है। रॉयटर्स की रिपोर्ट में बताया गया कि यह एयरबस के 55 साल के इतिहास में सबसे बड़े रिकॉल में से एक माना जा रहा है।
कुछ हफ्ते पहले ही A320 ने डिलीवरी के मामले में बोइंग 737 को पीछे छोड़ा था। एयरबस ने यह बुलेटिन दुनिया भर के अपने 350 से अधिक ऑपरेटर्स को भेजा है। घोषणा के समय लगभग 3,000 A320-फैमिली विमान हवा में थे। अमेरिकी एयरलाइंस और विज़ एयर ने चेतावनी दी है कि इससे उड़ान देरी और कैंसिलेशन बढ़ सकते हैं। यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) ने इसे एहतियाती कदम बताया है।
एयरबस ने बताया कि हाल ही में A320-फैमिली के एक विमान में हुई घटना से पता चला कि सूरज की तीव्र रेडिएशन से फ्लाइट-कंट्रोल सिस्टम से संबंधित महत्वपूर्ण डेटा करप्ट हो सकता है। उद्योग सूत्रों के अनुसार, यह घटना 30 अक्टूबर को हुई जब जेटब्लू की एक फ्लाइट (कैंकुन से न्यूयॉर्क) अचानक तेज़ी से नीचे गिरी, जिसमें कई यात्री घायल हुए। विमान को टैम्पा, फ्लोरिडा में आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। यह मामला अब फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) की जांच के तहत है। हालांकि जेटब्लू और FAA ने रिकॉल पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
रिकॉल का असर दुनिया भर की एयरलाइनों पर दिखने लगा है। उद्योग रिपोर्ट्स के अनुसार, 1,000 से अधिक प्रभावित विमानों में हार्डवेयर बदलने की भी आवश्यकता पड़ सकती है, जिससे कुछ विमानों को लंबे समय तक ग्राउंड रहना पड़ सकता है।
इस अचानक रिकॉल ने वैश्विक उड़ान संचालन में हलचल मचा दी, फिनएयर की एक उड़ान लगभग एक घंटे देरी से उड़ी क्योंकि पायलट सॉफ़्टवेयर संस्करण की पुष्टि कर रहे थे। एयर न्यूज़ीलैंड ने कई रद्दीकरण की चेतावनी दी। एयर फ्रांस ने 35 उड़ानें रद्द कीं, जो उसकी कुल दैनिक उड़ानों का 5% है। मेक्सिको की वोलारिस ने कहा कि उसकी उड़ानें अगले 72 घंटे तक प्रभावित होंगी।
भारत में इंडिगो और एयर इंडिया सहित प्रमुख बजट एयरलाइंस ने यात्रियों को संभावित व्यवधानों को लेकर ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर दी है।
एयरबस का कहना है कि सॉफ़्टवेयर को पुराने संस्करण पर रोलबैक करना एक तेज़ और सुरक्षित तरीका है जिससे उड़ानें जल्द सामान्य हो सकें। हालांकि हार्डवेयर बदलने की प्रक्रिया लंबी हो सकती है, इसलिए कुछ रूट्स पर प्रभाव जारी रह सकता है।
We are aware of a directive from Airbus related to its A320 family aircraft currently in-service across airline operators. This will result in a software/hardware realignment on a part of our fleet, leading to longer turnaround time and delays to our…
— Air India (@airindia) November 28, 2025
विशेषज्ञों का आकलन है कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी एक अनिवार्य संशोधन नोटिस के बाद भारत में लगभग 400 विमान प्रभावित होने की आशंका है। यह निर्देश मुख्य रूप से एयरबस A320 मॉडल पर लागू होगा, जो दुनिया भर में सबसे ज़्यादा बिकने वाले विमानों में से एक है।
इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस इन बदलावों को लागू करने वाली एयरलाइन्स हैं, और इंडिगो पर इसका सबसे ज़्यादा असर पड़ने की संभावना है। इंडिगो के बेड़े में 195 A320 विमान हैं, जिनमें 26 A320 CEO(180-सीटर), 23 A320 NEO(180-सीटर) और 155 A320 NEO(186-सीटर) विमान शामिल हैं, जिनमें से 163 वर्तमान में परिचालन में हैं जबकि 32 खड़े हैं।
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