केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी) को देश का बजट पेश किया। दौरान वित्तमंत्री ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ सरकार का सबसे अहम लक्ष्य है। उन्होंने इस मौके पर एक अहम बयान दिया कि घरेलू प्रोडक्शन बढ़ाने पर लक्ष्य केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने ऐलान किया कि देश को बायोफार्मास्युटिकल हब में बदला जाएगा और इसके लिए प्रावधान की भी घोषणा की।
बायोफार्मास्युटिकल सेक्टर के लिए एक बड़ा ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “भारत को ग्लोबल बायोफार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर डेवलप करने के लिए, मैं ‘बायोफार्मा शक्ति’ स्कीम का प्रस्ताव कर रही हूं। इससे अगले पांच सालों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान होगा। इससे बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू प्रोडक्शन के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बनेगा।”
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में बायोफार्मास्युटिकल्स के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया। यह प्रोविजन पांच साल में करने का प्लान है। उन्होंने कहा कि देश को बायोफार्मास्युटिकल हब में बदला जाएगा। फाइनेंस मिनिस्टर ने आगे कहा कि इससे गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ते दामों पर मिलेंगी। इसका मकसद रिसर्च, इनोवेशन, वैक्सीन डेवलपमेंट और एडवांस्ड थेराप्यूटिक्स के फील्ड में भारत को ग्लोबली कॉम्पिटिटिव बनाना है।
Presenting Union Budget 2026-27, Union Finance Minister Nirmala Sitharaman says,"…To develop India as a global bio-pharma manufacturing hub, I propose Bio Pharma Shakti with an outlay of Rs 10,000 crores over the next 5 years. This will build an ecosystem for domestic… pic.twitter.com/GSkyzviNHX
— ANI (@ANI) February 1, 2026
फार्मास्युटिकल एजुकेशन और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए तीन नए नेशनल NIPERs (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) बनाए जाएंगे। इससे क्वालिटी स्किल्स, स्टेट-ऑफ-द-आर्ट लैबोरेटरी फैसिलिटीज और ग्लोबल टैलेंट डेवलप करने में मदद मिलेगी। फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि अभी सात इंस्टिट्यूट हैं, जिन्हें और बढ़ाया जाएगा।
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