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Monday, February 23, 2026
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तेजस हादसे पर HAL का स्पष्टिकरण: कहा-“यह जमीन पर हुई मामूली तकनीकी खराबी”

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सरकारी एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस के कथित क्रैश की खबरों का खंडन करते हुए इसे जमीन पर हुई मामूली तकनीकी घटना बताया है। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब वायुसेना (IAF) अप्रैल में तेजस Mk1A संस्करण के महत्वपूर्ण मूल्यांकन की तैयारी कर रही है। इससे पहले खबर सामने आई थी की, वायुसेना की ओर से 30 सिंगल सीटर LCA तेजस की उड़ानों को रोका गया है।

HAL ने एक्स पर जारी बयान में कहा, “HAL, LCA तेजस घटना पर हाल की मीडिया रिपोर्ट्स को मानता है और असल में सफाई देना चाहता है। LCA तेजस के क्रैश होने की कोई खबर नहीं है। जिस घटना की बात हो रही है, वह ज़मीन पर हुई एक छोटी सी टेक्निकल घटना थी।” कंपनी ने यह भी कहा कि HAL तेजस का सुरक्षा रिकॉर्ड समकालीन लड़ाकू विमानों में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड में से एक है और मानक प्रक्रिया के तहत IAF के साथ मिलकर मामले का गहन विश्लेषण किया जा रहा है।

हालांकि, इस महीने की शुरुआत में एक अन्य तेजस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना के बाद वायुसेना ने पूरे बेड़े की तकनीकी जांच तेज कर दी है। यह तीसरी बार है जब तेजस विमान के नुकसान की खबर सामने आई है। हालिया घटना में एक ऑपरेशनल एयरबेस पर प्रशिक्षण उड़ान के बाद लैंडिंग के दौरान विमान को गंभीर क्षति पहुंची। प्रारंभिक आकलन में ऑनबोर्ड सिस्टम में संभावित तकनीकी गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। पायलट सुरक्षित इजेक्ट हो गया और उसे गंभीर चोट नहीं आई।

पहली दुर्घटना मार्च 2024 में जैसलमेर के पास हुई थी, जबकि दूसरी घटना नवंबर 2025 में दुबई एयरशो के दौरान एरोबैटिक प्रदर्शन में हुई, जिसमें पायलट की मृत्यु हो गई थी। उस मामले की जांच अभी जारी है। वायुसेना अप्रैल में तेजस Mk1A का व्यापक मूल्यांकन करेगी, जिसके बाद इसके अंतिम इंडक्शन पर निर्णय लिया जाएगा।

मूल्यांकन में तीन महत्वपूर्ण क्षमताओं की पूर्ण पुष्टि आवश्यक बताई गई है। एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल फायरिंग परीक्षणों का समापन और प्रमाणन। रडार और ऑनबोर्ड इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट का पूर्ण एकीकरण और सत्यापन।वेपन डिलीवरी सिस्टम और फायर-कंट्रोल आर्किटेक्चर का एंड-टू-एंड वैलिडेशन ये तत्व Mk1A की युद्धक क्षमता की रीढ़ हैं और इनमें किसी भी प्रकार की ढील संभव नहीं है।

बता दें की तेजस Mk1A कार्यक्रम लगभग दो वर्ष की देरी से चल रहा है। HAL ने देरी का कारण मुख्य रूप से इंजन आपूर्ति में बाधा को बताया है। वायुसेना ने 180 Mk1A लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया है और वर्तमान में स्क्वाड्रन संख्या पर दबाव के बीच इनके इंडक्शन की प्रतीक्षा कर रही है।

HAL ने हालिया क्रैश रिपोर्टों को खारिज कर तत्काल चिंताओं को कम करने की कोशिश की है। हालांकि, तेजस Mk1A के भविष्य पर निर्णायक तस्वीर अप्रैल में होने वाले मूल्यांकन के बाद ही साफ होगी, जब वायुसेना परिचालन आवश्यकता और युद्धक मानकों के बीच संतुलन पर अंतिम फैसला लेगी।

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