भारत ने स्वदेशी ऊर्जा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। नोएडा स्थित एनटीपीसी के अनुसंधान एवं विकास केंद्र NETRA में देश की पहली मेगावॉट-घंटा (MWh) स्केल वैनाडियम रेडॉक्स फ्लो बैटरी (VRFB) प्रणाली का शुभारंभ मंगलवार(11 नवंबर) को केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास-शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने किया। इस अवसर पर ऊर्जा सचिव श्री पंकज अग्रवाल और एनटीपीसी के सीएमडी श्री गुरदीप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यह 3 MWh क्षमता वाली वैनाडियम फ्लो बैटरी प्रणाली न केवल ऊर्जा भंडारण में भारत की क्षमता को नया आयाम देती है, बल्कि सौर और पवन ऊर्जा जैसे अस्थायी नवीकरणीय स्रोतों को स्थिर ग्रिड में जोड़ने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
पारंपरिक लिथियम-आयन बैटरी के विपरीत, वैनाडियम रेडॉक्स फ्लो बैटरी वैनाडियम आयनों के विभिन्न ऑक्सीकरण अवस्थाओं पर आधारित होती है। यह तकनीक लंबे समय तक ऊर्जा भंडारण की क्षमता प्रदान करती है, जो सौर और पवन ऊर्जा की अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
इसके साथ ही, यह प्रणाली अग्निरोधक, लंबे जीवनकाल वाली और पावर व ऊर्जा क्षमता को स्वतंत्र रूप से स्केल करने योग्य है। इस स्वदेशी प्रणाली का विकास भारत को लिथियम और रेयर-अर्थ आयात पर निर्भरता से मुक्त करने की दिशा में भी मदद करेगा।
इस परियोजना का शुभारंभ भारत के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन और कार्बन न्यूट्रलिटी लक्ष्यों के अनुरूप है। सरकार का लक्ष्य है कि देश की ऊर्जा मिश्रण में नवीकरणीय स्रोतों की हिस्सेदारी को बढ़ाया जाए, साथ ही ग्रिड की विश्वसनीयता और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
NETRA टीम ने जिस नवाचार के साथ इस परियोजना को साकार किया है, वह भारत की ऊर्जा परिवर्तन यात्रा में मील का पत्थर साबित होगी। हमें हरित हाइड्रोजन, कार्बन कैप्चर और वेस्ट-टू-एनर्जी जैसे उभरते क्षेत्रों में निरंतर नवाचार जारी रखना होगा।
अपने दौरे के दौरान मंत्री ने कई आधुनिक प्रदर्शन परियोजनाओं का निरीक्षण किया, जिनमें ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी प्लांट, एसटीपी जल आधारित ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन इकाई, सॉलिड ऑक्साइड हाई-टेम्परेचर स्टीम इलेक्ट्रोलाइज़र, नगरपालिका ठोस अपशिष्ट (RDF) आधारित स्टीम गैसीफिकेशन संयंत्र, 4 MWp सौर ऊर्जा + 1 MWh लिथियम-एनएमसी बैटरी आधारित AC माइक्रोग्रिड शामिल हैं
ये परियोजनाएं दर्शाती हैं कि एनटीपीसी न केवल ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा अनुसंधान और नवाचार में भी भारत के भविष्य की दिशा तय कर रहा है। इस लॉन्च के साथ, भारत ने दीर्घकालिक ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू कर दिया है, जो आने वाले वर्षों में देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
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