दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर शुक्रवार (5 दिसंबर)को भारी अव्यवस्था के बीच इंडिगो की सभी प्रस्थान उड़ानें रात 23:59 बजे तक रद्द कर दी गईं। सुबह से शुरू हुआ संचालन संबंधी संकट दोपहर तक पूर्ण ठहराव में बदल गया, जिससे हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए। एयरलाइन प्रतिदिन दिल्ली से लगभग 235 आउटबाउंड फ्लाइट्स संचालित करती है, जिसके चलते यह रद्दीकरण देशभर में उड़ान संचालन पर बड़ा असर डाल रहा है।
इंडिगो की नेटवर्क-स्तरीय गड़बड़ियों का प्रभाव कोलकाता एयरपोर्ट पर भी साफ दिखा। 3 से 5 दिसंबर के बीच यहां कुल 320 उड़ानें देरी से चलीं और 92 रद्द हुईं। तीन दिनों में एयरलाइन की 468 निर्धारित उड़ानें (आवागमन) प्रभावित रहीं।
इंडिगो फ्लाइट्स संकट ने संसद तक हलचल पैदा कर दी है। शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शुक्रवार (5 दिसंबर)को राज्यसभा में यह मुद्दा तत्काल उठाने का नोटिस दिया है, ताकि भारी सार्वजनिक असुविधा पर चर्चा की जा सके।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम को सरकार की आर्थिक नीतियों पर प्रश्नचिह्न बताकर हमला बोला। उन्होंने लिखा, “ इंडिगो का यह फियास्को सरकार के एकाधिकार मॉडल की कीमत है। एक बार फिर देरी, रद्दीकरण और लाचारी का बोझ आम भारतीयों पर पड़ा है। भारत हर क्षेत्र में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का हकदार है, मैच-फिक्सिंग जैसे एकाधिकार का नहीं।”
इंडिगो प्रवक्ता ने कहा कि पिछले दो दिनों से संचालन “तकनीकी खामियों, खराब मौसम, बढ़ती भीड़ और नवंबर से लागू हुए नए Flight Duty Time Limitations (FDTL) नियमों” के चलते बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रवक्ता के मुताबिक, यह सभी कारण मिलकर पूरे नेटवर्क को बाधित कर रहे हैं।
लगातार बढ़ती अव्यवस्था के बीच दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए सलाह जारी की है। एडवाइजरी में कहा गया, “कुछ घरेलू सेवाओं को प्रभावित करने वाली परिचालन चुनौतियों के कारण उड़ानें देरी और रद्द हो रही हैं। हम यात्रियों को सलाह देते हैं कि वे प्रस्थान से पहले अपनी उड़ान की स्थिति सीधे अपनी एयरलाइन से जाँच लें।” एयरपोर्ट प्रबंधन ने कहा कि उसकी ऑन-ग्राउंड टीमें एजेंसियों के साथ मिलकर संकट को कम करने और यात्रियों के अनुभव को सहज बनाने में जुटी हैं।
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