भुसावल मंडल में गैर-किराया राजस्व बढ़ा, रेलवे संपत्तियों से बढ़ी कमाई​!

भुसावल मंडल की प्रमुख उपलब्धियों में 25 सितंबर 2026 को नेपानगर स्टेशन पर पहली बार ‘ऑल-एसेट्स क्लस्टर’ अनुबंध प्रदान करना शामिल है।

भुसावल मंडल में गैर-किराया राजस्व बढ़ा, रेलवे संपत्तियों से बढ़ी कमाई​!

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मध्य रेल के भुसावल मंडल ने गैर-किराया राजस्व (Non-Fare Revenue–NFR) बढ़ाने के लिए रेलवे परिसंपत्तियों के व्यवस्थित व्यावसायिक उपयोग, नई वाणिज्यिक सुविधाओं की शुरुआत और पारदर्शी प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया पर जोर दिया है। इन प्रयासों के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक विभिन्न रेलवे स्टेशनों और प्रतिष्ठानों में 10 वाणिज्यिक अनुबंध प्रदान किए गए हैं। इनसे करीब ₹12.33 लाख का वार्षिक लाइसेंस शुल्क और संबंधित अनुबंध अवधि में लगभग ₹64.06 लाख का कुल राजस्व प्राप्त होगा।

नेपानगर में पहली बार ‘ऑल-एसेट्स क्लस्टर’ अनुबंध

​भुसावल मंडल की प्रमुख उपलब्धियों में 25 सितंबर 2026 को नेपानगर स्टेशन पर पहली बार ‘ऑल-एसेट्स क्लस्टर’ अनुबंध प्रदान करना शामिल है। पांच वर्ष के लिए दिए गए इस अनुबंध से ₹2.21 लाख वार्षिक लाइसेंस शुल्क प्राप्त होगा, जबकि आरक्षित मूल्य ₹50,000 था। यानी आरक्षित मूल्य से करीब 342 प्रतिशत अधिक शुल्क प्राप्त हुआ।

इस क्लस्टर में विज्ञापन बोर्ड, पीएडी मदों की बिक्री के लिए कियोस्क सहित निःशुल्क गैर-वातानुकूलित प्रतीक्षालय, किराना कियोस्क और दोपहिया वाहन पार्किंग शामिल हैं। इससे पहले इन परिसंपत्तियों से गैर-किराया राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा था।

विज्ञापन और किराना कियोस्क से बढ़ी आय

8 अक्टूबर को लासलगांव और निफाड स्टेशनों पर विज्ञापन बोर्ड मीडिया के अनुबंध दिए गए। लासलगांव में ₹38,091 के आरक्षित मूल्य के मुकाबले ₹40,000 और निफाड में ₹34,282 के मुकाबले ₹81,000 वार्षिक लाइसेंस शुल्क प्राप्त हुआ। निफाड में यह राशि आरक्षित मूल्य से करीब 136 प्रतिशत अधिक है।

9 अक्टूबर को बुरहानपुर और खंडवा स्टेशनों पर किराना कियोस्क के अनुबंध भी दिए गए। बुरहानपुर में ₹50,000 के मुकाबले ₹50,500 और खंडवा में ₹1,52,303 के मुकाबले करीब ₹1.61 लाख वार्षिक लाइसेंस शुल्क प्राप्त हुआ।

रेलवे प्रतिष्ठानों में कैंटीन सुविधाएं

6 अक्टूबर को इलेक्ट्रिक लोको शेड (MOH) और कोचिंग यार्ड (LOCO) में कैंटीन के अनुबंध प्रदान किए गए। MOH में ₹50,000 के आरक्षित मूल्य के मुकाबले ₹2.88 लाख और कोचिंग यार्ड में ₹50,000 के मुकाबले ₹1.31 लाख वार्षिक लाइसेंस शुल्क प्राप्त हुआ। यह क्रमशः करीब 476 प्रतिशत और 163 प्रतिशत अधिक है।

इन सुविधाओं से रेलवे कर्मचारियों और पात्र उपयोगकर्ताओं को भोजन एवं जलपान की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

तीन स्टेशनों पर मेडिकल स्टोर

22 सितंबर को भुसावल, बडनेरा और चालीसगांव स्टेशनों पर मेडिकल स्टोर के अनुबंध भी दिए गए। भुसावल में ₹60,000 के आरक्षित मूल्य के मुकाबले ₹1.90 लाख, बडनेरा में ₹30,000 के मुकाबले ₹51,021 और चालीसगांव में ₹25,000 के मुकाबले ₹38,999 वार्षिक लाइसेंस शुल्क प्राप्त हुआ।

इन पहलों से यात्रियों और जरूरतमंद लोगों को आवश्यक चिकित्सा उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।

भुसावल मंडल की ये पहल रेलवे परिसंपत्तियों की व्यावसायिक क्षमता के बेहतर उपयोग और गैर-किराया राजस्व के नए स्रोत विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रतिस्पर्धी निविदाओं के माध्यम से आरक्षित मूल्य से अधिक लाइसेंस शुल्क प्राप्त होने से मंडल के राजस्व आधार को मजबूती मिलने के साथ-साथ यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुविधाओं का भी विस्तार होगा।

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