ईडी के सामने पेश नहीं हुईं टीना अंबानी: ₹40,000 करोड़ के कथित ADAG घोटाले की जांच के लिए SIT गठित

 फिर भेजा जाएगा समन

ईडी के सामने पेश नहीं हुईं टीना अंबानी: ₹40,000 करोड़ के कथित ADAG घोटाले की जांच के लिए SIT गठित

Tina Ambani did not appear before ED: SIT formed to probe alleged ₹40,000 crore ADAG scam

अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी के खिलाफ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें दोबारा समन भेजने की तैयारी की है। पहले समन के बावजूद टीना अंबानी निर्धारित तिथि पर ईडी के समक्ष पेश नहीं हुईं। अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है। ईडी ने उन्हें सोमवार (9 फरवरी)को पूछताछ के लिए बुलाया था, जिसमें न्यूयॉर्क के मैनहैटन में एक लग्ज़री कोंडोमिनियम की खरीद से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन से संबंधित है, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुईं।

इसी बीच, ईडी ने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (ADAG) और उससे जुड़ी इकाइयों से संबंधित कथित ₹40,000 करोड़ के बैंकिंग और कॉरपोरेट घोटाले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद उठाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर SIT का गठन: 

पिछले सप्ताह ADAG फ्रॉड के मामले की समीक्षा करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को इस प्रकरण में निष्पक्ष, स्वतंत्र, त्वरित जांच सुनिश्चित करने के लिए SIT गठित करने का निर्देश दिया था। शीर्ष अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि जांच एजेंसियों को जांच शुरू करने में पहले ही पर्याप्त समय लग चुका है। ईडी की गठित SIT का नेतृत्व मुख्यालय जांच इकाई (एचआईयू) में तैनात अतिरिक्त निदेशक स्तर का अधिकारी कर रहें है, जबकि टीम में करीब आधा दर्जन अन्य जांचकर्ता शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को भी निर्देश दिया है कि वह इस मामले में किसी भी प्रकार के गठजोड़, मिलीभगत, सांठगांठ और साजिश की जांच करे और जांच को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाए। CBI पहले से ही ADAGसे जुड़े मामलों की जांच कर रही है।

ईडी पिछले वर्ष से अनिल अंबानी और उनकी रिलायंस समूह की कंपनियों की जांच कर रही है। अब तक वह धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत तीन प्रवर्तन केस सूचना रिपोर्ट (ECIR) दर्ज कर चुकी है, जो पुलिस की FIR के समकक्ष होती हैं। इसके अलावा, ईडी ने लगभग ₹12,000 करोड़ की संपत्तियों को कुर्क किया है।

सूत्रों के अनुसार, SIT आगे की जांच के दौरान ADAG समूह की कंपनियों और उनके शीर्ष अधिकारियों द्वारा किए गए कथित अवैध और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की पड़ताल के लिए और ईसीआईआर दर्ज कर सकती है। अनिल अंबानी से पिछले वर्ष उनके समूह की कंपनियों में कथित बैंक ऋण अनियमितताओं को लेकर पूछताछ की जा चुकी है। हाल ही में, रिलायंस कम्युनिकेशंस के पूर्व अध्यक्ष और कंपनी के शीर्ष अधिकारी रह चुके पुनीत गर्ग को भी ईडी ने गिरफ्तार किया है।

फंड डायवर्जन मामले में कई कंपनियां जांच के दायरे में: 

ईडी ने पहले बताया था कि उसने रिलायंस अनिल अंबानी समूह की जिनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस (RCFL), रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर द्वारा सार्वजनिक धन का धोखाधड़ीपूर्ण डायवर्जन का पता लगाया है। एजेंसी ने यह भी कहा है कि वह वित्तीय अपराधों के दोषियों का सक्रिय रूप से पीछा कर रही है और इस मामले में अपराध की आय को उसके वास्तविक हकदारों तक लौटाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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