भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए वारी एनर्जीज लिमिटेड ने महाराष्ट्र के नागपुर में देश की सबसे बड़ी 10 गीगावॉट (GW) क्षमता वाली एकीकृत सोलर इन्गॉट और वेफर निर्माण यूनिट स्थापित करने की घोषणा की है। यह परियोजना भारत के सौर ऊर्जा निर्माण तंत्र को मजबूत करने और आयात निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कंपनी ने नागपुर के बुटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र में इस परियोजना का शिलान्यास किया। करीब 300 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली इस परियोजना में लगभग ₹6,200 करोड़ का निवेश किया जाएगा। यह संयंत्र सोलर उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हाई-प्योरिटी सोलर इन्गॉट और वेफर का उत्पादन करेगा, जो सोलर फोटोवोल्टिक वैल्यू चेन की आधारभूत यूनिट्स होती हैं।
परियोजना के पूरा होने पर इसमें 10 GW सोलर इन्गॉट और 10 GW सोलर वेफर की उत्पादन क्षमता होगी, जिससे यह भारत का सबसे बड़ा एकीकृत इन्गॉट-वेफर निर्माण परिसर बन जाएगा। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना भारत के सौर विनिर्माण क्षेत्र में अपस्ट्रीम क्षमता को मजबूत करेगी और घरेलू सप्लाई चेन को अधिक स्थिर बनाएगी।
इस परियोजना से क्षेत्रीय स्तर पर भी बड़ा आर्थिक प्रभाव देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि संयंत्र के संचालन के बाद 8,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, जिससे महाराष्ट्र में औद्योगिक विकास और कौशल सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
परियोजना के शिलान्यास कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागपुर तेजी से सौर ऊर्जा विनिर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है और यह परियोजना भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
🔸 Bhoomipujan of Waaree Group's 10GW Integrated Solar Ingot and Wafer Manufacturing Facility at the hands of CM Devendra Fadnavis.
MoS Dr. Pankaj Bhoyar, MoS Adv. Ashish Jaiswal and other dignitaries were present.🔸 मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या हस्ते वारी ग्रुपच्या 10… pic.twitter.com/YL7y7OuwZT
— CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) March 14, 2026
कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक हितेश दोशी ने कहा कि भारत की स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण यात्रा केवल नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने से ही नहीं, बल्कि सौर विनिर्माण की पूरी वैल्यू चेन में मजबूत घरेलू क्षमताएँ विकसित करने से भी संभव होगी। उन्होंने कहा कि नागपुर में यह एकीकृत इन्गॉट-वेफर संयंत्र उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
Nagpur, Maharashtra: Waaree Energies Ltd, Director, Hitesh Doshi says, "Firstly, I would like to say that solar energy is a major solution to the current challenges in the energy sector, whether it is issues with gas or oil. Our visionary Prime Minister foresaw this vision 20… pic.twitter.com/QYfvpGTWXw
— IANS (@ians_india) March 14, 2026
बता दें की, भारत में सौर मॉड्यूल निर्माण क्षमता तेजी से बढ़ी है, लेकिन इन्गॉट और वेफर जैसे अपस्ट्रीम घटकों के लिए अभी भी काफी हद तक आयात पर निर्भरता बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई परियोजना से देश की आयात निर्भरता घटेगी, सप्लाई चेन अधिक मजबूत होगी और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को गति मिलेगी। स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग और सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं के बीच यह परियोजना भारत को वैश्विक सौर विनिर्माण हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।
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