मुस्लिम महिला ने पति को दो बार गो-तस्करी की साजिश में फंसाया, पर्दाफ़ाश होते ही कोर्ट से हुई फ़रार

प्रेमी अमान के साथ रहने के लिए पति को तलाक़ के लिए मजबूर करना चाहती थी महिला

मुस्लिम महिला ने पति को दो बार गो-तस्करी की साजिश में फंसाया, पर्दाफ़ाश होते ही कोर्ट से हुई फ़रार

A Muslim woman framed her husband twice in a cattle smuggling conspiracy; she fled from the court after her scheme was exposed.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में फ़िल्मी कहानी की तरह पति को झूठे मामलें फ़साने की साजिश का मामला सामने आया है। एक मुस्लिम महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने के लिए अपने पति को न सिर्फ एक बार, बल्कि दो बार गो-तस्करी और गोवध के मामले में फंसाने की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक, यह पूरी योजना बेहद सुनियोजित थी और इसका उद्देश्य पति को जेल भिजवाकर तलाक का रास्ता साफ करवाना था। हालांकि साजिश का पर्दाफाश होते ही महिला के अमान को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि महिला कोर्ट परिसर से फरार होने में कामियाब रही है।

लखनऊ पश्चिम के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विश्वजीत श्रीवास्तव के अनुसार, मुस्लिम महिला और अमान की पहचान करीब दो साल पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी। अमान भोपाल का रहने वाला है और अक्सर लखनऊ आकर उससे मिलता था। महिला अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर है, जबकि अमान कंप्यूटर साइंस में बीटेक डिग्री ले चूका है, जबकि महिला का पति वसीम कागज के कारोबार से जुड़ा व्यवसायी है।

पुलिस जांच में सामने आया कि अगस्त 2025 में पहली बार वसीम को फंसाने की योजना बनाई गई। अमान ने ‘राहुल’ नाम की फर्जी पहचान बनाकर बजरंग दल से संपर्क साधा। सितंबर में उसने हजरतगंज की एक पार्किंग में खड़ी वसीम की महिंद्रा थार में 30 किलोग्राम मांस छिपाया। कार की चाबियां वसीम की बीवी ने ही उपलब्ध कराईं। इसके बाद अमान ने हिंदू संगठन को सूचना दी, जिसने पुलिस को अलर्ट किया। नतीजतन वसीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, हालांकि एक महीने बाद जमानत पर उसकी रिहाई हो गई। बाद में यह स्पष्ट हुआ कि मांस गाड़ी में जानबूझकर रखा गया था।

पहली साजिश के नाकाम होने के बाद महिला और उसके प्रेमी ने दूसरा प्लान बनाया। महिला ने पति के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर ऑनलाइन पोर्टर वाहन बुक किया और ओटीपी अमान को दे दिया। 14 जनवरी को अमान भोपाल से 12 किलोग्राम गोमांस लेकर लखनऊ पहुंचा। पुराने शहर के एक पते से बोरे में बंद खेप ई-रिक्शा में लोड कराई, जिसकी डिलीवरी काकोरी स्थित वसीम की फैक्ट्री के पास तय की गई थी। अमान ने फिर से हिंदू संगठन को सूचना दी, जिसके बाद 15 जनवरी को काकोरी पुलिस ने रिक्शा रोककर गोमांस बरामद किया और वसीम को हिरासत में ले लिया।

जांच के दौरान वसीम ने बताया कि उसे पत्नी के अवैध संबंधों का शक था, इसी कारण उसने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। फुटेज में सामने आया कि घटना से दो दिन पहले महिला ने वसीम के वॉशरूम में होने के दौरान उसके फोन से ओटीपी हासिल किया था। इसके बाद अमान से संपर्क करने के सबूत भी मिले।

काकोरी थाने के इंस्पेक्टर सतीश चंद्र राठौर ने बताया, “अमान ने वसीम की पहचान का इस्तेमाल कर अमीनाबाद से काकोरी तक ऑनलाइन पोर्टर बुक किया। गोमांस भोपाल से मंगवाया गया, जिसे कार्डबोर्ड बॉक्स में छिपाकर वाहन में रखा गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अमान ने ‘राहुल’ नाम से बजरंग दल के सदस्यों को सूचना दी।”

पुलिस के मुताबिक, 18 जनवरी को जाल बिछाकर अमान को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसने अपराध कबूल कर लिया। महिला पहले ही घर से फरार हो चुकी थी। 20 जनवरी को तीन पुलिसकर्मी इलाहाबाद हाईकोर्ट परिसर में उसे पकड़ने पहुंचे, लेकिन वकीलों के हंगामे के बीच वह वहां से भागने में सफल रही। इस घटना के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ अवैध प्रवेश का मामला दर्ज किया गया। फिलहाल महिला की तलाश जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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