सरपंच बनने की चाह में पिता बना हत्यारा, 6 साल की बेटी को नहर में फेंका

दो-बच्चों के नियम से बचने के लिए अपनी बेटी की हत्या की

सरपंच बनने की चाह में पिता बना हत्यारा, 6 साल की बेटी को नहर में फेंका

Sadiq murdered his Hindu wife and dumped her body near a temple; burned her face to conceal her identity.

महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने के लिए लागू दो-बच्चा नियम से बचने के एक पिता ने दिल दहलाने वाला अपराध किया है। सरपंच बनने की महत्वाकांक्षा में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी छह साल की बेटी की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बेटी को तेलंगाना के निजामाबाद जिले में एक नहर में फेंक दिया ताकि वह पंचायत चुनाव लड़ने के लिए पात्र बन सके।

पुलिस ने बताया कि आरोपी महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के मुखेड तालुका के केरूर गांव का रहने वाला है और उसकी उम्र 28 वर्ष है। उसके तीन बच्चे थे, दो बेटियां और एक बेटा। महाराष्ट्र में पंचायत चुनाव लड़ने के लिए दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्ति को अयोग्य माना जाता है। इसी नियम के चलते आरोपी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा बाधित हो रही थी।

पुलिस के अनुसार, 29 जनवरी को आरोपी अपनी छह वर्षीय बेटी को बाइक पर बैठाकर तेलंगाना के निजामाबाद जिले की ओर ले गया और गांव से करीब 90 किलोमीटर दूर एक नहर में उसे फेंक दिया। स्थानीय लोगों ने बाद में नहर में बच्ची का शव देखा और पुलिस को सूचना दी।

निजामाबाद के पुलिस आयुक्त पी साईं चैतन्य ने बताया कि मामला दर्ज कर तीन विशेष जांच टीमें गठित की गईं। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा मृत बच्ची की तस्वीरें प्रसारित किए जाने के बाद मुखेड क्षेत्र के कुछ लोगों ने उसकी पहचान की। इसके बाद पुलिस टीम केरूर गांव पहुंची और पुष्टि की कि मृत बच्ची वहीं की रहने वाली थी।

जांच में सामने आया कि आरोपी मुखेड में सैलून चलाता था और अपनी पत्नी व तीन बच्चों के साथ रहता था। पुलिस के मुताबिक, वह आगामी ग्राम पंचायत चुनाव में सरपंच पद का चुनाव लड़ना चाहता था।

पुलिस ने बताया कि जब आरोपी को दो-बच्चा नियम के कारण अयोग्य ठहराया गया, तो गांव के मौजूदा सरपंच ने उसे एक बच्चे को गोद देने का सुझाव दिया। इसके बाद आरोपी ने अपने बेटे के जन्म प्रमाण पत्र में बदलाव कराने की कोशिश की और इसके लिए पुणे नगर निगम कार्यालय तक गया, लेकिन वहां भी उसे सफलता नहीं मिली।

जांच में यह भी सामने आया कि इसके बाद आरोपी ने एक बच्चे को खत्म कर उसे लापता दिखाने की साजिश रची। इसी योजना के तहत वह अपनी बेटी को बाइक पर लेकर निजामाबाद पहुंचा और नहर में फेंक दिया, जिससे बच्ची की मौत हो गई।

पुलिस ने इस मामले में आरोपी व्यक्ति के साथ-साथ मौजूदा सरपंच को भी गिरफ्तार किया है। मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने धाराएं बदलते हुए हत्या, अपहरण और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अन्य संबंधित धाराएं जोड़ दी हैं।

यह मामला न केवल कानून के दुरुपयोग बल्कि सत्ता की लालसा में मानवीय संवेदनाओं के पूरी तरह खत्म हो जाने का भयावह उदाहरण बनकर सामने आया है।

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