आसाम सरकार ने अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए आठ और अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़कर सीमा पार बांग्लादेश वापस भेज दिया। इस कार्रवाई की जानकारी मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार (12 दिसंबर) को दी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पकड़े गए घुसपैठियों की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि पड़ोसी देश से आने वाले लोग भारत की मेहमाननवाज़ी की भावना को गलत तरीके से समझ रहे हैं।
सीएम सरमा ने लिखा, “सीमा पार के लोग हमारी ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना को कुछ ज़्यादा ही गंभीरता से लेने लगे हैं।” इसके साथ ही उन्होंने एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया और कहा कि घुसपैठिए यह भूल जाते हैं कि भारत उसी श्लोक में निहित संदेश पर भी विश्वास करता है। मुख्यमंत्री द्वारा साझा किया गया श्लोक इस प्रकार है,
“सुदुर्बलं नावजानाति कञ्चिद् युक्तो रिपुं सेवते बुद्धिपूर्वम्।
न विग्रहं रोचयते बलस्थैः काले च यो विक्रमते स धीरः॥”
यह श्लोक विवेकशील व्यक्ति के गुणों का वर्णन करता है। जो कमजोर को तुच्छ नहीं समझता, हर परिस्थिति में सतर्क रहता है, शत्रु से बुद्धिमानी से निपटता है, शक्तिशाली से अनावश्यक टकराव से बचता है और सही समय पर साहस दिखाता है।
आसाम सरकार की यह कार्रवाई ऑपरेशन पुशबैक के तहत की गई है, जिसके अंतर्गत केंद्र सरकार अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर भेज रही है। यह अभियान ऐसे समय में चलाया जा रहा है, जब बांग्लादेश की राजनीतिक अस्थिरता के चलते औपचारिक प्रत्यर्पण प्रक्रिया में अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, पहले अपनाई जाने वाली लंबी और जटिल कानूनी प्रक्रिया की तुलना में अब तेज़ और प्रभावी रणनीति अपनाई जा रही है। इसके तहत सीमा से सटे राज्यों में पकड़े गए घुसपैठियों को तुरंत बांग्लादेश सीमा पार भेजा जा रहा है। वहीं, देश के अन्य हिस्से से पकड़े गए अवैध बांग्लादेशियों को पहले आसाम, त्रिपुरा या पश्चिम बंगाल लाया जाता है और फिर सीमा पार भेजा जाता है।
आसाम के अलावा राजस्थान, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों ने भी अवैध प्रवासियों की पहचान की प्रक्रिया तेज कर दी है। अधिकारियों का दावा है कि इस सख्ती का असर दिखने लगा है और कई अवैध बांग्लादेशी स्वेच्छा से अपने देश लौट रहे हैं।
सरकारी और विभिन्न अध्ययनों के अनुसार, 2016 तक भारत में 2 करोड़ से अधिक बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे थे। केंद्र और राज्य सरकारों का मानना है कि अवैध घुसपैठ न केवल जनसांख्यिकीय संतुलन बल्कि आंतरिक सुरक्षा और संसाधनों पर भी दबाव डालती है। आसाम सरकार का कहना है कि ऑपरेशन पुशबैक आगे भी जारी रहेगा और अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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