आसाम: BSF ने आलू की बोरियों के नीचे छुपाई कोडीन-आधारित फेन्सिडिल की बड़ी खेप की जब्त

आसाम: BSF ने आलू की बोरियों के नीचे छुपाई कोडीन-आधारित फेन्सिडिल की बड़ी खेप की जब्त

Assam: BSF seizes large consignment of codeine-based Phensedyl hidden under sacks of potatoes.

आसाम में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को बड़ी सफलता मिली है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने 27 जनवरी को श्रीभूमि जिले के पाथरकांडी इलाके में कोडीन-आधारित कफ सिरप फेन्सिडिल की एक विशाल खेप जब्त की है। इस खेप में कुल 30,000 बोतलें शामिल थीं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है। तस्करों ने इन बोतलों को एक ट्रक में आलू की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाने की कोशिश की थी।

इस कार्रवाई की जानकारी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। उन्होंने BSF के जवानों की सराहना करते हुए तस्करों की इस तरकीब पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी भी की। मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा, “जब आलू को खांसी होने लगे, तो समझ लीजिए कुछ गड़बड़ है। पाथरकांडी, श्रीभूमि में आलू की बोरियों के नीचे छिपी 30,000 फेन्सिडिल बोतलें, जिनकी कीमत ₹3 करोड़ है, पकड़ी गईं। आसाम में सब्जियां भी तस्करों को नहीं बचा सकतीं। हमारे @BSF_India जवानों को बधाई।” मुख्यमंत्री ने बीएसएफ द्वारा खेप को उसके गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही रोकने और तस्करों को पकड़ने की सराहना की।

फेन्सिडिल एक कफ सिरप है, जिसमें कोडीन नामक अफीम से बना पदार्थ होता है, जिसका नशे के रूप में दुरुपयोग किया जाता है। यह सिरप भारतीय दवा कंपनी एबॉट हेल्थकेयर द्वारा निर्मित किया जाता है, जो अमेरिकी दिग्गज एबॉट लैबोरेटरीज की यूनिट है। भारत में कोडीन-आधारित कफ सिरप के दुरुपयोग को लेकर एबॉट हेल्थकेयर की आपूर्ति श्रृंखला लंबे समय से जांच के दायरे में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने दिसंबर 2024 में फेन्सिडिल का उत्पादन बंद कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद यह दवा अभी भी आपूर्ति श्रृंखला में मौजूद है।

इससे पहले उत्तर प्रदेश में भी फेन्सिडिल की तस्करी से जुड़े बड़े खुलासे सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार के एक दस्तावेज में यह सामने आया कि अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच राज्य में 2.2 करोड़ बोतलें फेन्सिडिल की आपूर्ति की गई, जिनकी कीमत लगभग 55 मिलियन डॉलर थी। खुफिया जानकारी के आधार पर यूपी पुलिस ने 4 नवंबर 2025 की रात गाजियाबाद में एक गोदाम पर छापेमारी की थी, जहां ट्रकों में चावल की बोरियों के नीचे छिपाई गई 30,000 बोतलें बरामद की गई थीं।

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने कोडीन-आधारित दवाओं की तस्करी के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है। वर्ष 2024 में शुरू हुई इस जांच के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को संयुक्त रूप से कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान 2025 तक 128 एफआईआर दर्ज की गईं, 280 दवा लाइसेंस रद्द किए गए, 3.5 लाख से अधिक शीशियां जब्त की गईं और 32 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह अवैध नेटवर्क करीब 425 करोड़ रुपये का था, जो उत्तर प्रदेश के 28 जिलों से नेपाल, बांग्लादेश, दुबई और पाकिस्तान तक फैला हुआ था।

आसाम में बीएसएफ की यह ताजा कार्रवाई न केवल राज्य बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को दर्शाती है।

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