बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने शुक्रवार (8 अगस्त) को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। एसवीयू ने जहानाबाद में तैनात डीएसपी संजीव कुमार के पटना, खगड़िया और जहानाबाद स्थित ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति मामले में एक साथ छापेमारी की। विशेष सतर्कता इकाई ने डीएसपी संजीव कुमार पर 1.52 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है, जो उनके ज्ञात वैध स्रोतों से कहीं अधिक बताई जा रही है। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की कई धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। छापेमारी से पहले अदालत से सर्च वारंट जारी किया गया था।
शुक्रवार सुबह से ही स्पेशल विजिलेंस यूनिट की अलग-अलग टीमें पटना, खगड़िया और जहानाबाद में संजीव कुमार के आवास और अन्य परिसरों पर छापेमारी कर रही हैं। इस छापेमारी में डीएसपी रैंक के अधिकारी नेतृत्व कर रहे हैं और हर जिले में स्वतंत्र टीमें सक्रिय हैं। फिलहाल, छापेमारी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ है, इस पर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि छापेमारी में कुछ अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए गए हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है।
इससे पहले भी एसवीयू ने इसी साल जनवरी में पश्चिम चंपारण में कार्यरत जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) रजनीकांत प्रवीण के कई ठिकानों पर छापा मारा था। उस दौरान वसंत विहार स्थित उनके घर से 1.87 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे, जिससे राज्य भर में हड़कंप मच गया था।
नीतीश कुमार सरकार ने बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति लागू कर रखी है। इसके तहत सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और नेताओं को हर वर्ष अपनी आय और उसके कानूनी स्रोतों की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है। एसवीयू की टीमें लगातार भ्रष्टाचार के मामलों की निगरानी कर रही हैं और ठोस सबूत मिलने पर त्वरित कार्रवाई कर रही हैं।
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