मिजोरम की राजधानी आइज़ोल में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) और राज्य के एक्साइज़ एवं नारकोटिक्स विभाग ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए लगभग 4.79 करोड़ रुपये मूल्य की मेथाम्फेटामाइन और हेरोइन की खेप जब्त की है। इस संयुक्त अभियान में चार ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें दो नागरिक म्यांमार से बताए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई हाल के दिनों में बढ़ती ड्रग तस्करी के विरुद्ध सुरक्षा एजेंसियों के समन्वित प्रयासों का बड़ा उदाहरण है।
सूचना मिलने के बाद BSF की मिजोरम और कछार फ्रंटियर की टीम ने आइज़ोल के चंदमारी वेस्ट इलाके में स्थित एक घर की पहचान की। दो स्वतंत्र नागरिक गवाहों की मौजूदगी में घर की गहन तलाशी ली गई, जहां दो संदिग्ध तस्कर मिले। पूछताछ पर उन्होंने स्वयं दो बैग सौंप दिए, जिनमें संदिग्ध नशीले पदार्थ होने की आशंका जताई गई थी। बाद में विस्तृत जांच में छह पैकेट कुल 5.89 किलोग्राम मेथाम्फेटामाइन टैबलेट्स और तीन साबुन की डिब्बियों में भरी 41 ग्राम हेरोइन मिली, जिसकी बाजार कीमत 4.79 करोड़ रुपये आँकी गई।
पूरी खेप को मिजोरम के एक्साइज़ और नारकोटिक्स विभाग ने ज़ब्त कर लिया और चारों तस्करों को हिरासत में ले लिया गया। इनमें से दो म्यांमार के नागरिक है। BSF ने अपने बयान में कहा कि यह संयुक्त अभियान एजेंसियों के बीच रीयल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग, समन्वय और जमीनी स्तर पर मजबूत तालमेल का प्रमाण है। BSF ने यह भी कहा कि दोनों एजेंसियाँ सीमा पार से आने वाले नेटवर्क को समाप्त करने और युवाओं को नशे के खतरे से बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
यह कार्रवाई पिछले चार दिनों में दूसरी बड़ी ज़ब्ती है। बुधवार को भी बीएसएफ और एक्साइज़ ने संयुक्त ऑपरेशन में 26 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की मेथाम्फेटामाइन टैबलेट्स और हेरोइन जब्त की थी और दो म्यांमार नागरिकों को गिरफ्तार किया था। उस मामले में तस्करों ने NH-6 पर स्कूटी से यात्रा करते हुए खेप को सड़क किनारे झाड़ियों में छिपा रखा था, जहां से 14.905 किलोग्राम मेथाम्फेटामाइन (ड्रैगन ब्रांड) और 707 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी।
उधर, 19 और 20 नवंबर को मिजोरम पुलिस ने भी अलग-अलग अभियानों में 41.64 करोड़ रुपये मूल्य की मेथाम्फेटामाइन और हेरोइन जब्त की और असम व मणिपुर के तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। मेथाम्फेटामाइन, जिसे ‘याबा’ या ‘पार्टी ड्रग’ के रूप में भी जाना जाता है, भारत में प्रतिबंधित है और इसके अधिकांश तस्करी नेटवर्क म्यांमार के चिन राज्य से संचालित होते हैं। मिजोरम की म्यांमार से 510 किलोमीटर और बांग्लादेश से 318 किलोमीटर लंबी, अधिकांशतः बिना बाड़ वाली सीमा, ड्रग्स, विदेशी जीव-जंतुओं और अन्य अवैध वस्तुओं की तस्करी के लिए संवेदनशील मानी जाती है।
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