ग्रेटर नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले में पुलिस ने एक अहम कार्रवाई करते हुए रियल एस्टेट बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अभय कुमार एमजेड विशटाउन (MZ Wishtown) के मालिक हैं। यह गिरफ्तारी उस घटना के बाद हुई है, जिसमें युवक की कार एक गहरे गड्ढे में गिर गई थी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने मंगलवार, 20 जनवरी को बिल्डर अभय कुमार को हिरासत में लिया। वहीं, टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया है कि आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 106(1) और 125 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। इन धाराओं के अंतर्गत लापरवाही से गैर इरादतन हत्या (culpable homicide due to negligence) का अपराध दर्ज किया गया है।
यह हादसा शुक्रवार (16 जनवरी)को नोएडा के सेक्टर 150 के पास हुआ। युवराज मेहता अपनी कार से जा रहे थे, तभी वाहन एक ड्रेनेज सीमा से टकरा गया और नियंत्रण खोकर एक गहरे गड्ढे में जा गिरा। यह गड्ढा कथित तौर पर एक निर्माणाधीन व्यावसायिक इमारत के बेसमेंट के लिए खोदा गया था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। न तो गड्ढे के आसपास उचित बैरिकेडिंग थी और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए थे। आरोप है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसके चलते यह जानलेवा दुर्घटना हुई।
बताया गया है कि एमजेड विशटाउन परियोजना ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क क्षेत्र में स्थित है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि बेसमेंट खुदाई के दौरान आवश्यक एहतियाती उपाय नहीं अपनाए गए थे। इसी आधार पर बिल्डर के खिलाफ आपराधिक लापरवाही का मामला दर्ज किया गया।
इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश देखा गया और मृतक के परिजनों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और निर्माण से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। जरूरत पड़ने पर अन्य जिम्मेदार लोगों को भी जांच के दायरे में लाया जा सकता है।
ग्रेटर नोएडा और नोएडा क्षेत्र में लगातार हो रहे निर्माण कार्यों के बीच यह मामला एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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