जौनपुर में धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़; बजरंग दल की सुचना के बाद 10 के खिलाफ FIR दर्ज

जौनपुर में धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़; बजरंग दल की सुचना के बाद 10 के खिलाफ FIR दर्ज

Conversion racket busted in Jaunpur; FIR filed against 10 after Bajrang Dal tip-off

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में पुलिस ने बदलापुर थाना क्षेत्र के बाबुरा गांव में कथित अवैध धर्मांतरण गतिविधियों के मामले का खुलासा किया है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने 5 अप्रैल को छापेमारी कर इस मामले में कार्रवाई की और 10 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।  FIR बजरंग दल की शिकायत पर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता बजरंग दल के जिला संयोजक सत्य प्रकाश ने आरोप लगाया है कि गांव में आयोजित एक ‘प्रार्थना सभा’ के माध्यम से लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

FIR में गंभीर आरोप

FIR के अनुसार, सभा में उपस्थित लोगों को कथित तौर पर कहा गया कि यदि वे ईसाई धर्म स्वीकार नहीं करेंगे तो वे जीवनभर बीमारी, गरीबी और कष्ट झेलते रहेंगे। साथ ही, धर्मांतरण के लिए कथित रूप से लालच भी दिए जा रहे थे। मामले में राजेश गौतम उर्फ सोनू गौतम, विनोद यादव उर्फ मिंटू, निशा, मंजू गौतम, शीला देवी, प्रमोद और विकास मौर्य सहित कुल 10 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश अवैध धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत केस दर्ज किया है।

छापेमारी और बरामदगी

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। इस दौरान कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी विनोद यादव मौके से फरार हो गया और अपनी मोटरसाइकिल तथा एक बाइबल वहीं छोड़ गया। उसके साथ दो अन्य आरोपी भी फरार हो गए। थाना प्रभारी शेष कुमार शुक्ला के अनुसार, फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके एक परिचित लंबे समय से बीमार थे और इलाज के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिल रही थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात आरोपी राजेश गौतम से हुई, जिसने उन्हें प्रार्थना सभा में आने का निमंत्रण दिया और दावा किया कि इससे बीमारी ठीक हो सकती है।

संदेह होने पर शिकायतकर्ता अपने परिचित के साथ मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने कथित रूप से धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियां देखीं और पुलिस को सूचना दी। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी प्रकार के अवैध धर्मांतरण के प्रमाण मिलते हैं, तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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