दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार(10 नवंबर) की शाम हुए कार विस्फोट में 12 लोगों की मौत और 25 के घायल होने के बाद इस घटना के तार अब जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल की ओर जा रहे हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि विस्फोटक से भरी हुंडई i20 कार को चलाने वाला व्यक्ति पुलवामा निवासी डॉक्टर उमर नबी था, जो घटना के बाद गायब हो गया है। वह फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज़ में तैनात था, और उसके सहकर्मियों की गिरफ्तारी के बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा।
पुलिस के अनुसार, यह विस्फोट उस “अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क” से जुड़ा हो सकता है जो एक दिन पहले फरीदाबाद में उजागर हुआ था। वहां से 358 किलोग्राम संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया था। इस मामले में पुलवामा के रहने वाले डॉक्टर मुजामिल अहमद को गिरफ्तार किया गया था, जिसके किराए के मकान से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिली थी। इसी जांच के दौरान काज़ीगुंड के डॉक्टर अदील मजीद राथेर को भी पकड़ा गया। दोनों पर जैश-ए-मोहम्मद और अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद (AGH) जैसे आतंकी संगठनों के संपर्क में होने के आरोप हैं।
जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलवामा में पुलिस ने कम से कम पांच लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इनमें आमिर राशिद भी शामिल है, जिसे कार का वर्तमान मालिक माना जा रहा है। उसके भाई और आसपास के गांवों के तीन अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। इसके अतिरिक्त, लखनऊ की एक महिला डॉक्टर को भी इस मॉड्यूल से संभावित संबंधों को लेकर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। माना जाता है कि इस नेटवर्क में कुल चार मेडिकल प्रोफेशनल सक्रिय थे, जिनमें से दो को गिरफ्तार किया जा चुका है और एक मुहम्मद उमर नबी फरार है।
VIDEO | Pulwama: Sister of Dr Umar Mohammad, one of the suspects in the blast near Delhi’s Red Fort, Muzamila Akhter says, “Police took my mother-in-law, husband, and brother-in-law for questioning. They asked about Umar’s whereabouts. We last spoke to him on Friday, three days… pic.twitter.com/gjQuuTYYIH
— Press Trust of India (@PTI_News) November 11, 2025
धमाका शाम करीब 6:52 बजे उस समय हुआ, जब कार लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास ट्रैफिक सिग्नल पर धीमी गति में थी। विस्फोट ने आसपास की कई गाड़ियों और पैदल चल रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में यूएपीए, विस्फोटक अधिनियम, और भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया है। राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त तैनाती की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना की समीक्षा की है, जबकि गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी सुराग को छोड़ा नहीं जाएगा और जांच एजेंसियां सभी एंगल की गहराई से जांच कर रही हैं।
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