दिल्ली में 10 नवंबर की शाम हुए भीषण आत्मघाती धमाके की जांच के दौरान एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें आतंकवादी डॉ. उमर-उन-नबी को सुसाइड बॉम्बिंग और शहादत को बढ़ावा देते हुए देखा जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह वीडियो घटना से कुछ दिन पहले रिकॉर्ड किया गया था।
वीडियो में उमर नबी कहता है, “सुसाइड अटैक की सबसे अहम बात यह है कि जब कोई व्यक्ति यह मान ले कि वह एक तय जगह और समय पर मरने वाला है, तो उसका मानसिक संतुलन बदल जाता है। वह खुद को ऐसे हालात में रख देता है जहां उसे सिर्फ मौत ही नज़र आती है।”
इसके बाद वह दावा करता है कि ऐसे विचार किसी भी लोकतांत्रिक और मानवीय समाज में स्वीकार नहीं किए जा सकते, क्योंकि यह जीवन, समाज और कानून के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। लेकिन इसके बावजूद वह आत्मघाती हमलों को इस्लामिक प्रैक्टिस और शहादत ऑपरेशन बताते हुए उन्हें सही ठहराने की कोशिश करता है तथा दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करता है।
वीडियो का स्रोत और इसके प्रसार की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने से जांच एजेंसियों को इस मॉड्यूल के कट्टरपंथी एजेंडे और आतंकी योजनाओं की प्रकृति को समझने में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
BIG: First video of Delhi Red Fort Suicide Bomber recorded ahead of the terror attack defending suicide attack as “martyrdom” as per Islam. This seems to be Jaish e Muhammad & Pakistan ISI’s desperate attempt for terror recruitment and motivate for terrorists in Kashmir valley. pic.twitter.com/4iu7fxqkwI
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) November 18, 2025
दिल्ली में हुए इस आत्मघाती हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। इसके बाद जांच में बड़ा खुलासा हुआ कि आतंकियों के कब्जे से 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी और एक अंतरराज्यीय जैश-ए-मोहम्मद (JeM) मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया था। इस मॉड्यूल से जुड़े कई आरोपी पकड़े गए, जिनमें कश्मीरी मुस्लिम डॉक्टर और पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन से जुडी आतंकी डॉ. शाहिना शहीद शामिल है।
बरामद की गई विस्फोटक सामग्री को सुरक्षा कारणों से हरियाणा से श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन लाया गया था। लेकिन 14 नवंबर को यह विस्फोटक वहीं फट गया, जिसमें 9 पुलिसकर्मियों और सरकारी कर्मचारियों की मौत हो गई तथा 29 लोग घायल हुए। इस घटना ने सुरक्षा तंत्र को हिला कर रख दिया और यह सवाल उठाया कि इतनी बड़ी मात्रा में जब्त विस्फोटक के सुरक्षित प्रबंधन में चूक कैसे हुई।
डॉ. उमर नबी का नया वीडियो यह दर्शाता है कि यह मॉड्यूल सिर्फ हिंसक आतंकी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि धार्मिक कट्टरपंथ को हथियार बनाकर युवाओं को आत्मघाती हमलों के लिए उकसा रहा था। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि वीडियो किसने रिकॉर्ड किया, कैसे फैलाया गया और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका क्या थी।
जांच अधिकारियों का कहना है कि यह फुटेज दिल्ली ब्लास्ट की साजिश, मॉड्यूल के ढांचे और उससे जुड़े कट्टरपंथी नेटवर्क की गंभीरता को उजागर करता है। देशभर में सुरक्षा एजेंसियों ने मॉड्यूल से जुड़े संदिग्धों पर निगरानी और तलाशी अभियान तेज कर दिए हैं।
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