हैदराबाद में आर्मी के एक पुराने कांस्टेबल को आर्मी यूनिट से हथियार और बड़ी मात्रा में कारतूस चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर सिकंदराबाद कैंटोनमेंट में 20वीं मद्रास रेजिमेंट की एक यूनिट से हथियार और करीब 1,900 कारतूस चुराने का आरोप है। पुलिस ने चोरी का पूरा स्टॉक जब्त कर लिया है।
पुलिस ने आरोपी की पहचान 37 साल के उप्पुथोला मल्लेश के रूप में की है। मल्लेश 2010 में आर्मी में शामिल हुए थे। वह 30 जून, 2026 को आर्मी से रिटायर हुए थे। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, शक है कि उन्होंने यह काम इसलिए किया क्योंकि वह अपने जल्दी रिटायरमेंट से परेशान थे। हालांकि, चोरी के पीछे का असली मकसद क्या था, इसकी जांच अभी भी जारी है।
जानकारी के मुताबिक, 30 और 31 अगस्त की रात को मल्लेश ने सिकंदराबाद कैंटोनमेंट में 20 मद्रास रेजिमेंट के ‘कोट’ और ‘मैगज़ीन’ रूम से हथियार और गोला-बारूद चुरा लिए। चोरी हुए स्टॉक में 4 AK-203 राइफल, 1 INSAS राइफल, 7 पिस्टल, मैगज़ीन, एक पैसिव नाइट-विज़न दूरबीन और करीब 1,900 कारतूस शामिल थे। चोरी के बाद मल्लेश बालाजीनगर में अपने घर चला गया। CCTV फुटेज के मुताबिक, वह सुबह 4.34 बजे घर पहुंचा। फिर उसने चोरी का स्टॉक अपनी सफेद ब्रेज़ा कार में रखा और फिर अचंपेट की ओर निकल गया। पुलिस के मुताबिक, सफर के दौरान टोल बूथ से बचने के लिए उसने कुछ रास्तों को छोड़ दिया।
दिलचस्प बात यह है कि जांच में पता चला है कि सफर के दौरान उसने यह दिखावा करने के लिए कार में पैसेंजर भी लिए कि उसका अचंपेट जाने का कोई और मकसद है। उसने सागर रिंग रोड के पास से 4 लोगों को उठाया और उन्हें देवरकोंडा में उतार दिया। फिर उसने डिंडी में 2 और पैसेंजर को उठाया और उन्हें उतार दिया। उसने इन यात्रियों से पैसे भी लिए। 31 अगस्त को दोपहर करीब 1.15 बजे वह अचम्पेट पहुंचा।
इस बीच, पुलिस का शक बढ़ने पर मल्लेश डर गया और पुलिस ने बताया कि 6 सितंबर को उसने हथियारों का पूरा स्टॉक दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया। आखिरकार, 10 सितंबर को उसने चोरी कबूल कर ली। उसके बाद हैदराबाद टास्क फोर्स की टीमों ने चोरी हुए हथियारों और गोला-बारूद का पूरा स्टॉक बरामद कर लिया।
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